बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र की बालाजी धाम कॉलोनी में शनिवार रात जिला अस्पताल के ब्लड बैंक कर्मचारी के घर करीब तीन लाख रुपये की डकैती डाल दी गई। घर में घुसे तीन डकैत कच्छा बनियान पहने थे। कुछ बाहर निगरानी में खडे़ थे। हालांकि बोलचाल से आसपास के गांवों के ही लग रहे थे। पीड़ित ने तहरीर दी जिसे बैरियर टू चौकी चौकी प्रभारी दबाकर बैठ गए। अपने इंस्पेक्टर तक को घटना की जानकारी नहीं दी। मंगलवार को जानकारी पर अफसरों ने निरीक्षण कर कार्रवाई के निर्देश दिए। अब चौकी प्रभारी पर भी कार्रवाई हो सकती है।
रविंद्र कुमार अग्रवाल जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कर्मचारी हैं। हाल ही में उन्होंने बालाजी धाम फेज टू कॉलोनी में मकान बनवाया है। शनिवार रात परिवार के साथ वह सो रहे थे। बताते हैं रात करीब डेढ़ बजे खिड़की की ग्रिल में डंडा डालकर डकैतों ने कमरे के गेट का कुंडा खोल लिया। इसके बाद तीन ऊपर पहुंच गए और कुछ बाहर निगरानी के लिए रुक गए। ऊपर पहुंचे डकैतों ने सोते हुए रविंद्र और उनकी पत्नी को जगा लिया। ये लोग घबरा गए तो कहा कि तुम्हारे यहां नाश्ता करने आए हैं, कुछ खिलवा दो। रविंद्र की पत्नी चाय बनाने चली गईं तो इन्होंने उनके दुपट्टे से रविंद्र के हाथ पीछे की ओर बांध दिए। फिर पत्नी को भी बंधक बनाकर एक कोने में बैठा दिया। इसके बाद सभी अलमारियों के ताले तोड़कर पांच हजार नकदी और कुछ जेवर निकाल लिए। बाद में रसोई में रखी टीवी उठाने लगे तो उसके नीचे रखा बक्सा बाहर निकाल लाए। रविंद्र के मुताबिक इसी का ताला तोड़कर करीब ढाई लाख के जेवर निकाल लिए। करीब डेढ़ घंटे बाद वे परिवार को धमकाकर चले गए कि पीछा किया या किसी को कॉल की तो अंजाम बुरा होगा।
रविंद्र के मुताबिक डकैतों के जाने के बाद उन्होंने सूचना दी तो बैरियर टू चौकी प्रभारी मुकेश त्यागी पहुंचे। उनसे तहरीर ली और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद से आज तक उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। मंगलवार को मामला मीडिया के जरिये अधिकारियों तक पहुंचा तो एसपी सिटी, एसपी क्राइम समेत काफी संख्या में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस बात पर भी नाराजगी जताई गई कि चौकी प्रभारी ने इज्जतनगर थाना प्रभारी तक को घटना की जानकारी नहीं दी। अधिकारियों ने चौकी प्रभारी पर कार्रवाई के संकेत दिए।
माल नहीं निकाला तो मार डालेंगे
पीड़ित परिवार के मुताबिक डकैत कच्छा बनियान में थे। हालांकि वे ऐसी भाषा बोल रहे थे जो यहां देहात में बोली जाती है। उनके चेहरों पर तो कपड़ा था पर हाथ पैरों से दो काले और एक गोरा था। सब युवा ही थे। उन लोगों को पीटा तो नहीं पर बार-बार डरा रहे थे कि अगर बात नहीं मानोगे तो मार डालेंगे। एसपी क्राइम ने इनसे देर तक पूछताछ की।
ग्रामीण बोले- इज्जतनगर पुलिस नहीं सुनती
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह का गैंग कई दिन से इलाके में घूम रहा है। इसकी सूचना उन्होंने इज्जतनगर पुलिस को कई बार मौखिक रूप से दी है पर पुलिस ने न तो निगरानी बढ़ाई और न ही किसी तरह की कार्रवाई की। अब वे एसएसपी को ज्ञापन देंगे।
स्थानीय गैंग का लग रहा काम: एसपी क्राइम
एसपी क्राइम रमेश भारतीय का कहना था कि यह किसी स्थानीय गैंग का काम है। बदमाश कच्छा बनियानधारी गिरोह के नहीं थे। परिवार से पूछताछ में ये साफ हुआ है कि इनमें से एक लोअर और दो कैफरी पहने थे। क्राइम ब्रांच जल्दी ही गैंग को खोज लेगी। चौकी प्रभारी की लापरवाही भी सामने आई है, इस बारे में अधिकारी निर्णय लेंगे।