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शहर से महिला के अपहरण का शोर, मचा हड़कंप

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बरेली। शहर में मेन डाकघर के पास से सोमवार सुबह एक महिला के अपहरण का हल्ला मचा। यूपी 100 को मिली सूचना के बाद जिले भर की सीमाएं सील कर चेकिंग की गई। डेढ़ घंटे बाद महिला बेहोशी के हाल में मिनी बाईपास पर मिल गई। सोरों के मदरसे में बच्चे को पहुंचाने गए पति को बुलाया गया। पति ने विरोधी पक्ष के एक व्यक्ति को नामजद करके चार लोगों पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस पूरे मामले को पेशबंदी मान रही है। एसपी सिटी के नेतृत्व में टीम सीसीटीवी व मोबाइल लोकेशन से घटना की सच्चाई पता करने में जुटी है, मामला फर्जी मिलने पर शिकायतकर्ता पर कार्रवाई होनी तय है।
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सुबह सवा छह बजे यूपी 100 को सूचना मिली कि मुख्य डाकघर के पास से एक सफेद कार में महिला को अगवा कर लिया गया है। सूचना एसएसपी को मिली तो उन्होंने पूरे जिले की सीमाएं सील करके चेकिंग के आदेश दिए। सघन चेकिंग के साथ ही हर थाने की यूपी 100 सड़क पर दौड़ने लगीं। सीओ सिटी अशोक कुमार, कोतवाल गीतेश कपिल डाकघर पहुंचे तो वहां 12 साल का समीर पुत्र फुरकत मिला। उसने बताया कि मां नाजरा के साथ बहन अक्शा का आधार कार्ड सही कराने सुबह साढ़े पांच बजे वह डाकघर आया था। वहां फार्म लेने का नंबर लगाने के बाद नौ बजे आने को कहा तो वह दोनों बाहर गेट पर आ गए। तभी बदायूं की ओर से आई सफेद कार में बैठे नकाबपोश लोग उसकी मां को कार में डाल ले गए। उसने शोर मचाया तो उसे धक्का दे दिया।
समीर से उसके पिता फुरकत का नंबर लेकर कोतवाल ने कॉल की तो उसने बताया कि वह दूसरे बेटे आदिल को मदरसे में छोड़ने कासगंज के सोरों गया है। वहां से लौट रहा है। साढ़े सात बजे फुरकत की कॉल आई कि किसी ने उन्हें सूचना दी है कि उनकी पत्नी मिनी बाईपास पर निर्मल रिसोर्ट के पास बेहोश पड़ी हैं। कोतवाल गए और महिला को वहां से लाकर जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि महिला को कोई गंभीर समस्या नहीं है पर उसकी बेहोशी नहीं टूट रही थी। तब उसे अल्ट्रासाउंड को भेजा गया। फुरकत ने पत्नी से मिलने के बाद तहरीर दी कि चेकिंग होने पर कार सवार लोग पत्नी को छोड़ गए। पत्नी ने हल्का सा होश आने पर बताया कि खींचतान में चार में से एक व्यक्ति के मुंह से कपड़ा हट गया था। वह उनके गांव पदारथपुर का हनीफ था। हनीफ व तीन अज्ञात के खिलाफ अपहरण की कोशिश में रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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पंद्रह दिन पहले शहर में शिफ्ट हुआ परिवार
 फुरकत मूल रूप से बिथरी के पदारथपुर का निवासी है। नाजरा से उसके चार बच्चे और पहली पत्नी से चार बच्चे हैं। नाजरा की भी पहले दो शादी हो चुकी हैं। एक पति उन्हीं के गांव में रहता है पर उससे कोई मतलब नहीं है। फुरकत के मुताबिक छह महीने से दबंग हनीफ उनके परिवार को परेशान कर रहा है। उनकी बेटी को पढ़ने जाते वक्त हनीफ का बेटा परेशान करता था। उन्होंने उन लोगों पर रिपोर्ट करा दी। शायद हनीफ ने भी कोई फर्जी मामला लिखाया है जिसके बाद से पुलिस उनके घर आ रही थी। दबंगों से परेशान होकर उसने सैलानी गौंटिया में कमरा लिया, पंद्रह दिन से परिवार समेत यहीं रह रहा है। अब यहां भी उसकी पत्नी को अगवा करने की कोशिश की गई।
कार का पता नहीं, आरोपी घर में सोता मिला
 पुलिस की प्रारंभिक जांच में ही अपहरण जैसा कुछ नहीं मिला। डाकघर में महिला के जाने की पुष्टि हुई पर वहां से किसी कार से उसे अगवा करने की सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली। वहीं मिनी बाईपास पर महिला किसी की बाइक पर पीछे बैठकर जाती दिखी। इससे भी आरोप बेदम हो गए। बिथरी पुलिस ने हनीफ के घर दबिश दी तो वह सो रहा था। हनीफ का कहना था कि गांव निवासी इम्तियाज ने फुरकत, नाजरा और उनके दो बच्चों के खिलाफ आंख फोड़कर अंग भंग करने की रिपोर्ट कराई थी। वह इम्तियाज की ओर से इस मामले में पैरवी कर रहे थे जिससे फुरकत नाराज था।
अफसर चौकन्ने, विधायक की गाड़ी तक चेक की
अपहरण की सूचना के बाद एसएसपी ने सभी थानों को अलर्ट कर दिया। कहा कि हर सफेद गाड़ी को चेक किया जाए। बरेली से नवाबगंज जा रही विधायक केसर सिंह की कार भी हाफिजगंज पुलिस ने चेक की। हालांकि इसमें उस वक्त विधायक नहीं बल्कि उनके पीआरओ व अन्य लोग थे। पुलिस ने बताया तो ये लोग खुद गाड़ी से उतर गए। एसपी सिटी ने कोतवाली जाकर मोर्चा संभाल लिया। महिला के सकुशल मिलने और कहानी में झोल होने पर पुलिस को चेन आया।
 महिला के अपहरण के आरोप में दम नहीं लग रहा। कहानी काफी उलझी हुई है। फिर भी पति की तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट लिखी गई है। महिला और उसका परिवार जांच में दोषी मिला तो उन्हें भी जेल भेजा जा सकता है। - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी
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