रिठौरा। कस्बे में झलरा पीपल मंदिर के पुजारी ने नवरात्र के पहले दिन अनुसूचित जाति की लड़कियों को मंदिर की दीवार पर गौरी गणेश की आकृतियां बनाने से रोका तो विवाद खड़ा हो गया। लड़कियों ने अपने घरवालों को इकट्ठा कर लिया। पुजारी पर आरोप लगाया कि दलित होने की वजह से उन्हें मंदिर में पूजा करने से रोका जा रहा है। हंगामे के बीच यूपी 100 पुलिस पहुंची और पुजारी को समझाकर लड़कियों को मंदिर के अंदर भेजकर उनसे पूजा कराई गई। तब कहीं विवाद शांत हुआ।
रिठौरा के मोहल्ला साहूकारा की मलिन बस्ती में झलरा पीपल मंदिर है। रविवार सुबह नवरात्र के पहले दिन बस्ती की लड़कियां यहां पूजन करने आईं। इससे पहले वे मंदिर की दीवारों पर गौरी परिवार की आकृतियां बनाने लगीं। तभी मंदिर के पुजारी कालीचरण बाहर निकल आए। दलित परिवारों का आरोप है कि मंदिर के पुजारी पिछले सालों में भी उनके यहां पूजा करने पर आपत्ति करते रहे हैं। इस बार भी उन्होंने नाराजगी जताते हुए लड़कियों को आकृतियां बनाने से रोक दिया। मंदिर परिसर में फूल चढ़ाने पर भी एतराज जताया। जब लड़कियां मंदिर से बिना पूजा किए घर लौटीं तो मंदिर में हुआ वाकया सुनकर उनके परिवार के लोगों में गुस्सा फैल गया। भारी संख्या में महिला-पुरुष इकट्ठे होकर मंदिर आ गए। उन्होंने मंदिर को अपने चंदे से बनाने का दावा करते हुए हंगामा कर दिया। माहौल बिगड़ता देखकर पुजारी ने यूपी 100 को कॉल कर दी। पुजारी का कहना था कि यह दीवार उन्होंने अपने निजी पैसे से बनवाई है। वह यहां न कोई चित्र बनाने देंगे और न फूल चढ़ाने देंगे। लोग और कहीं जाकर पूजा करें। हंगामा बढ़ा तो पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। चौकी से और पुलिस बुला ली गई। पुलिस ने पुजारी को समझा-बुझाकर लड़कियों से पूजन कराया।
मैं इस साल यह पूजा करा ले रहा हूं, अगले साल नहीं करने दूंगा। यह लोग अपने पशुओं को मंदिर परिसर की दीवार से सटाकर बांधते हैं। इससे एक साइड की दीवार गिर गई जो अभी तक नहीं बन सकी है। मंदिर में फैलने वाली गंदगी की वजह से विरोध करता हूं, और कोई बात नहीं है। - कालीचरण, पुजारी
मंदिर की दीवार पर आकृतियां बनाने को लेकर पुजारी ने विरोध किया था। उनका कहना था कि इससे गंदगी फैलती है। उन्हें समझा दिया गया। आकृतियां बनाकर बेटियाें ने पूजन किया और घर चली गईं। अब कोई समस्या नहीं है। - एसपी सिंह, एसओ हाफिजगंज