बरेली। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश पांडेय के खिलाफ भूमि स्वामित्व को लेकर चल रहे पुराने विवाद में बुधवार को इज्जतनगर थाने में एसपी सिटी के आदेश पर तीसरी रिपोर्ट दर्ज की गई। छेड़छाड़, पॉस्को एक्ट और अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। बीस दिन में उनके खिलाफ ये तीसरा मुकदमा दर्ज हुआ है।
इज्जतनगर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने महेश पांडेय और दो अज्ञात लोगों पर उनके रिश्तेदार की बेटियों से छेड़खानी का आरोप लगाया है। आरोप है कि 10 सितंबर को महेश पांडेय और दो अन्य लोग प्लाट में खड़े लघुशंका कर रहे थे। बच्चियों ने टोका तो उन्हें खींच लिया और अभद्रता करने लगे। शोर पर परिजन पहुंचे तो उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। साथ ही 50 लाख रुपये रंगदारी न देने पर बच्चियों को उठा ले जाने की भी धमकी दी। इस मामले में महेश पांडे और दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बता दें कि मंगलवार को पीड़ित बच्चियों के पिता ने ही कोतवाली में किला छावनी निवासी महेश पांडेय और परमानंद के खिलाफ रंगदारी मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस रिपोर्ट के आदेश डीएम ने दिए थे। आरोप था सपा नेता ने फर्जी कागजात बनाकर पीड़ित की जमीन हड़प ली और उसे छोड़ने के लिए रंगदारी मांग रहे हैं। इसी तरह सात सितंबर को सपा नेता समेत 11 के खिलाफ दुष्कर्म, लूट औरअन्य गंभीर धाराओं में इज्जत नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
अफसर साजिशन करा रहे रिपोर्ट
सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश पांडेय ने बताया कि उनके खिलाफ साजिशन रिपोर्ट लिखवाई जा रही हैं। 2002 में खरीदी जमीन पर कब्जे का विवाद है। कुछ समय पहले उनके दर्ज कराए मुकदमों में एक आरोपी के खिलाफ नेताओं की साठगांठ से गैंगस्टर एक्ट हटा दिया गया था। इसके विरोध में उन्होंने तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट से मुकदमे कराए थे, जोकि अभी विचाराधीन हैं। इसके प्रतिशोध में पूर्व अधिकारी उनके खिलाफ कुछ लोगों को मोहरा बनाकर रिपोर्ट करा रहे हैं।