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अब कोतवाली पुलिस जागी, सिसिली कैफे में पकड़ लिया हुक्का बार

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बरेली। प्रेमनगर इलाके में फजीहत के बाद अब पुलिस का जमीर जागा है। सोमवार रात कोतवाली पुलिस ने ताबड़तोड़ छापामारी कर पहला धमाका किया। हुक्काबार चलाने को चर्चित कई बड़े होटल और रेस्टोरेंटों में छापे मारे तो धनवंतरि चौराहे पर सिसिली कैफे में हुक्काबार चलता पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान वहां भगदड़ मच गई। स्टेशन रोड स्थित स्वर्ण टॉवर, पंचम होटल, अयूब खां चौराहा स्थित स्काई गार्डन में हुक्का बार बंद मिले। पुलिस की सूचना पर एफएसडीए टीम भी पहुंची। पुलिस अफसरों ने एफएसडीए के कार्रवाई न करने पर अपनी तरफ से रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है।
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रेस्टोरेंट के नाम पर युवाओं को नशा परोसने का कारोबार पुलिस की साठगांठ से धड़ल्ले से चल रहा है। पिछले कुछ दिनों में हुई कार्रवाई के बाद अब इन रेस्टोरेंटों के संचालकों के कान खड़े हो गए है। बावजूद कुछ जगह अभी भी बेखौफ हुक्काबार चला रहे हैं। रामपुर गार्डन में धनवंतरि चौराहा स्थित सिसिली कैफे एंड बेकर्स नाम के एक रेस्टोरेंट में पुलिस को सोमवार शाम हुक्काबार चलता मिला।
कैफे में करीब 15-20 वर्ष उम्र के करीब 20 लड़के-लड़कियां थे। पुलिस के पहुंचते ही रेस्टोरेंट में भगदड़ मच गई। सभी लड़के-लड़कियां अपना सामान तक छोड़कर भाग निकले। सबसे अंदर वाली टेबल पर दो हुक्के सजे हुए थे जो उस समय तक फूंके जा रहे थे। वहां मौजूद मैनेजर प्रेमनगर निवासी नवनीत कुमार और उनके साथी नकटिया के अभिषेक ने बताया कि मालिक प्रेमनगर की ग्रेटर आकाश कालोनी निवासी शिवेंद्र सिंह लखनऊ में रहते हैं। इंस्पेक्टर गीतेश कपिल ने किचिन व अन्य जगहों को चेक कराकर सारा सामान जब्त कर लिया। साथ ही एफएसडीए टीम को भी सूचना दी। विभाग से मौके पर पहुंचे डॉ. देवेंद्र सिंह आजाद भी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने लाइसेंस देखा और मौके पर मिले सामान का लेखाजोखा तैयार किया। रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट कराने की तैयारी में हैं। वहीं स्टेशन रोड पर चौकी इंचार्ज सिद्धांत शर्मा ने टीम के साथ स्वर्ण टॉवर, पंचम होटल और अयूब खां चौराहा स्थित ब्रांड स्क्वायर बिल्डिंग में बने स्काई गार्डन रेस्टोरेंट में भी छापे मारे। इनमें किसी जगह हुक्काबार चलता नहीं मिला।
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रेस्टोरेंट के नाम पर अवैध हुक्का बार चलता पकड़ा गया। मौके से हुक्के, फ्लेवर व सामान बरामद हुआ है। एफएसडीए टीम को बताया गया है। अगर उनके स्तर से रिपोर्ट नहीं कराई गई तो पुलिस अपनी तरफ से मामले में रिपोर्ट दर्ज कराएगी। - अभिनंदन सिंह, एसपी सिटी

सामान लेने लौटे लड़के-लड़कियां
सिसिली कैफे में पुलिस के पहुंचते ही भगदड़ मच गई थी। सभी लड़के-लड़कियां अपने बैग व अन्य सामान छोड़कर भाग निकले थे। पुलिस ने उनके बैग व अन्य सामान की भी चेकिंग कराई। पुलिस के जाने के कुछ देर बाद वह अपना सामान लेने लौटे।

फूड अधिकारी बोले- लाइसेंस नहीं सिर्फ रजिस्ट्रेशन है
पुलिस की सूचना पर पहुंचे एफएसडीए अधिकारी ने बताया दिखाया जा रहा कागज लाइसेंस नहीं सिर्फ रजिस्ट्रेशन की प्रिंटेड कॉपी है। एफएसडीए की वेबसाइट पर रेस्टोरेंट खोलने के लिए रजिस्ट्रेशन करना पड़ता है। इसकी फीस सौ रुपये जाती है। एक हफ्ते में एक कॉपी साइट पर जनरेट हो जाती है। उसे कहीं से भी प्रिंट किया जा सकता है। बताया कि अगर विभाग द्वारा दिया गया लाइसेंस होता तो इस पर किसी अधिकारी के भी साइन होते।

डीडीपुरम में भी पुलिस ने मारे छापे
- सोमवार रात प्रेमनगर पुलिस ने भी कई रेस्टोरेंटों में छापे मारे लेकिन कहीं भी हुक्काबार चलता नहीं मिला। इंस्पेक्टर क्राइम मनोज कुमार ने सलेक्शन प्वाइंट के पास स्थित बैकअप हुक्का बार सहित कई रेस्टोरेंट में छापा मारा पर वहां कुछ संदिग्ध नहीं मिला।

छापे पड़े तो संचालकों ने भी बदल दिया तरीका
रेस्टोरेंट में अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार को लेकर पुलिस प्रशासन के सख्त रवैये के बाद इन बार के संचालक भी सतर्क हो गए हैं। अब यह लोग सिर्फ खास भरोसेमंद और रेगुलर ग्राहकों से ही संपर्क कर रहे हैं। चर्चा से बचने के लिए ग्राहकों को बर्थडे या किसी अन्य पार्टी के नाम पर पर्ची कटवाने की बात कह रहे हैं। उसकी आड़ में हुक्का परोसा जाएगा।

नहीं सुनती पुलिस, आज डीआईजी से मिलेगा यूथ पॉवर संगठन
- हुक्का बार पर बंदिश लगाने को लेकर पुलिस से लेकर दूसरे संबंधित विभागों की बेरुखी से आहत संगठन यूथ पॉवर ने अब डीआईजी से शिकायत करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को संगठन उनसे मुलाकात करेगा। संगठन के अध्यक्ष रामकृष्ण शुक्ल ने बताया कि रविवार शाम उन्हें स्टेडियम रोड के डाउन टाउन 21 बार में हुक्का बार संचालन की सूचना मिली थी। रात करीब नौ बजे वे अपने संगठन के कुछ लोगों के साथ गेट पर पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने इंस्पेक्टर बारादरी को कॉल करके बुलाया। इंस्पेक्टर ने बिना किसी वरिष्ठ अधिकारी के आदेश से आने से इंकार किया। उन्होंने एडीएम से भी बात की। जब कोई अधिकारी नहीं आया तो चले आए। बताया कि डीआईजी से इसी मुद्दे पर बात करेंगे कि इस मामले में ठोस कार्रवाई आखिर कौन सा विभाग करेगा।
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