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रिश्वत लेते हुए आंवला तहसील का कानूनगो भी शिकंजे में फंसा

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भमोरा। एक दिन पहले रुहेलखंड डिपो के एआरएम के बाबू को घूस लेते हुए पकड़ने के बाद एंटी करप्शन यूनिट की टीम ने शनिवार को भमोरा में आंवला तहसील के कानूनगो ओमपाल शाक्य को भी रंगे हाथों दबोच लिया। कानूनगो एक किसान से खतौनी में उसका नाम दुरुस्त करने के लिए दो हजार की रिश्वत वसूल रहा था।
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मिलक मझारा गांव में रहने वाले नरेंद्र पाल के मुताबिक दस साल पहले उनके पिता की मौत हो गई थी। खतौनी में उनके नाम के बजाय नन्हें का नाम दर्ज हो गया था। इसे सही कराने के लिए वह कई साल से तहसील के चक्कर काट रहे थे। हाल ही में आंवला तहसील में बल्लिया क्षेत्र के कानूनगो ओमपाल शाक्य ने खतौनी में उनका नाम सही कराने की एवज में उनसे दो हजार रुपये की मांग की थी। नरेंद्र ने इसकी शिकायत 18 सितंबर को बरेली में एंटीकरप्शन के इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के समक्ष की। इसके बाद कानूनगो को रंगे हाथों गिरफ्तार करने की रणनीति तय हुई जिसके मुताबिक शनिवार को थाना भमोरा में आयोजित समाधान दिवस में रिश्वत की रकम देने की बात तय हुई। शनिवार सुबह सुरेंद्र के नेतृत्व में एंटी करप्शन की टीम थाने के बाहर पहुंच गई। नरेंद्र ने कानूनगो से पहले से बात कर ली थी।
दोपहर में नरेंद्र के बुलावे पर चौराहे पर लक्ष्मी लस्सी भंडार पर पहुंचे ओमपाल ने उनसे दो हजार रुपये ले लिए। रकम लेते ही एंटीकरप्शन टीम ने ओमपाल को दबोच लिया। नोटों पर लगा पाउडर ओमपाल के हाथ में आ गया। उसके हाथ धुलवाकर उसका सैंपल लिया गया। इसके बाद थाना भमोरा में रिपोर्ट दर्ज कराकर टीम ने ओमपाल को पुलिस के हवाले कर दिया। सुरेंद्र सिंह के साथ टीम में इंस्पेक्टर सुरेश दत्त मिश्रा, विक्रम सिंह, पद्म सिंह आदि शामिल थे। रिटायरमेंट से साल भर पहले फंसे आरोपी कानूनगो ओमपाल का कहना था कि उसे साजिशन फंसाया गया है।
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