बरेली। पति से तलाक होने के बाद अदालत में गुजारे भत्ते के लिए लड़ाई लड़ रही एक बीमार युवती ने बृहस्पतिवार को रास्ते में दम तोड़ दिया। काफी समय से अपने मामा और मौसी के रहमोकरम पर जिंदा यह 25 वर्षीय घर से दवा लेने निकली थी लेकिन डॉक्टर के क्लीनिक तक नहीं पहुंच पाई। उसकी मौत से उसकी चार साल की बेटी दुनिया में अकेली रह गई है।
प्रेमनगर पुलिस को बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे कोहाड़ापीर इलाके में बिजली सब स्टेशन के पास एक युवती का शव पड़े होने की सूचना दी गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि युवती के दायें हाथ पर ड्रिप लगने का निशान है। उसकी शिनाख्त फर्राशी टोला के कफील ने 25 वर्षीय शीबा पत्नी फहीम अहमद के रूप में की। कफील ने बताया कि वह शीबा के मामा है और उसकी ससुराल आंवला में है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। तलाक के बाद पति से भरण-पोषण का वाद चल रहा है। मेरा हक फाउंडेशन की फरहत नकवी इस लड़ाई में शीबा की मदद कर रही थीं। काफी समय से बीमार शीबा बुधवार को अपनी चार साल की बेटी शना को घर पर छोड़कर दवा लेने के लिए घर से निकली थी। पोस्टमार्टम में शीबा की मौत की वजह फेफड़े और किडनी खराब होना बताया गया है। इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि शीबा की मौत बीमारी से हुई है। जांच में पता लगा कि वह अस्पताल में भर्ती रही थी।