बरेली। तीन महीने पहले फेसबुक पर पोस्ट की गईं एडिट फोटो पर कमेंट कर मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी को बदनाम करने की कोशिश करने वालों में से एक शख्स का नाम पता लग गया है जो मेरठ का हैदर अब्बास है। पुलिस ने फेसबुक मुख्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद इस नाम का खुलासा किया है। फरहत नकवी ने इस शख्स को शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी का परिचित बताया है। उनका आरोप है कि इस साजिश के पीछे वसीम रिजवी का ही हाथ है।
करीब तीन महीने पहले फरहत ने वसीम रिजवी पर अपनी पत्नी को बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया था और लखनऊ जाकर उनकी पत्नी से मिलने की भी कोशिश की थी। इसी दौरान उनका वसीम रिजवी और उनके समर्थकों से विवाद भी हुआ था। इस घटना के कुछ ही दिन बाद फेसबुक पर फरहत के कई आपत्तिजनक फोटो वायरल कर दिए गए थे। फरहत ने आरोप लगाया था कि वसीम रिजवी के इशारे पर साजिश के तहत उनके फोटो एडिट करके वायरल किए गए हैं। उन्होंने पहले लखनऊ और फिर बरेली के थाना किला में वसीम रिजवी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट कराने की कोशिश की लेकिन इसमें कामयाब नहीं हुईं। बाद में व्यापारी नेताओं ने भी फरहत की ओर से शिकायत की तो उनकी तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करने के बाद डाटा फेसबुक मुख्यालय अमेरिका भेजकर रिपोर्ट मांगी थी जहां से पहली रिपोर्ट आ गई है। सीओ टू सीमा यादव ने बताया कि इस रिपोर्ट में मेरठ के मवाना में रहने वाले हैदर अब्बास नाम के शख्स की आईडी से कुछ कमेंट किए जाने की पुष्टि हो गई है। तीन-चार और लोगों की रिपोर्ट जल्दी भेजने के लिए फेसबुक मुख्यालय को रिमाइंडर भेजा गया है।