फतेहगंज पूर्वी। विवादित गांव पंखाखेड़ा में पुलिस टीम पर हमले के मामले में पुलिस बस एक आरोपी को ही गिरफ्तार कर पाई है। बाकी की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। घटना में घायल दरोगा के मुताबिक एकबारगी तो उन्हें लगा कि अब नहीं बचेंगे। किस्मत से ही वे बच सके। अफसरों ने हमलावरों पर रासुका तक की कार्रवाई करने की बात कही है।
रामगंगा किनारे बसे गांव पंखाखेड़ा में बेटी के जन्म की खुशी में आरिफ के घर रविवार रात बुलाई गई डांस पार्टी में डीजे के साथ डांसरों के अश्लील डांस की खबर पर पहुंची पुलिस ने पार्टी बंद करने को कहा तो हमला कर दिया गया। दो लोगों को पकड़कर जीप में बैठा रहे दरोगा विनोद तोमर और दो सिपाहियों को भीड़ ने जमकर पीटने के साथ जीप पर पथराव कर दिया। इस पर पुलिस टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। भीड़ ने हिरासत में लिए गए दो लोगों को भी छुड़ा लिया। 27 लोगों के खिलाफ बलवे के साथ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट कराई गई थी।
पुलिस ने इनमें से एक आरोपी हजरत अली को जरौल गांव के पास से वाहन का इंतजार करते वक्त गिरफ्तार कर लिया। उसे मंगलवार को जेल भेजा गया। दूसरे आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी है। मंगलवार को दरोगा विनोद तोमर ने बताया कि घटना के वक्त पुलिस टीम को निशाना बनाकर पत्थर और लकड़ी की फंटी लगातार पेंकी जा रही थीं। इससे उनके कब्जे में जो दो आरोपी थे वे भाग छूटे। उन्होंने किसी तरह जीप स्टार्ट की तो लोगों ने लाठियां और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। मुश्किल से वहां से निकल सके। चार किमी तक उनका पीछा किया गया।