उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रविवार को ग्रामीण डाक सेवकों के लिए क्लर्क पद की परीक्षा के दौरान रुहेलखंड विश्वविद्यालय में एक सॉल्वर पकड़ा गया। सॉल्वर सचिन कुमार नोएडा के ग्रामीण डाक सेवक चंदन कुमार के स्थान पर परीक्षा देने आया था। परीक्षा हॉल में प्रवेश पत्र पर लगी फोटो का मिलान न होने के कारण अधिकारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद कड़ाई से पूछताछ करने पर सॉल्वर ने अपनी पहचान बताई और मामला खुला।
इसके बाद सेंटर सुपरवाइजर एसएसपीओ पीके सिंह ने सॉल्वर को थाना बारादरी को सौंपकर मुकदमा दर्ज कराया। साथ ही परीक्षार्थी चंदन के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोएडा डाक विभाग को मेल भेजा है।
परीक्षा में सूबे के कई जिलों से 330 ग्रामीण डाक सेवकों को बुलाया गया था, जिसमें से 312 परीक्षार्थी आए और 18 अनुपस्थित रहे। सेंटर सुपरवाइजर के मुताबिक सुबह दस बजे परीक्षा शुरू हुई। प्रवेश के दौरान छात्रों की भीड़ होने से एंट्री गेट पर सॉल्वर नहीं पकड़ा जा सका, लेकिन परीक्षा कक्ष में हुई चेकिंग में जब फोटो का मिलान किया गया तो, जो परीक्षा दे रहा था और जिसका प्रवेश पत्र था, दोनों की फोटो नहीं मिल रही थी।
इसके बाद पूछताछ शुरू हुई तो उसने कुछ नहीं बोला, लेकिन कड़ाई से हुई पूछताछ में उसने सच बता दिया। सॉल्वर ने बताया कि वो बुलंदशहर के जहांगीरपुर का रहने वाला है जो नोएडा के ग्रामीण डाक सेवक चंदन कुमार की जगह पर परीक्षा देने आया था। पिछले माह चंदन और उसके बीच 50 हजार रुपये का सौदा हुआ था। सच सामने आने के बाद एसएसपीओ पीके सिंह ने परीक्षा खत्म होने के बाद उसे बारादरी थाने को सौंपकर रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर दी, जिसके आधार पर रात करीब दस बजे मुकदमा दर्ज किया गया।