शाहजहांपुर। छात्रा के आरोपों से घिरे स्वामी चिन्मयानंद से भाजपा ने दूरी बनाने का निर्देश दे रहा है। लेकिन लेकिन जिस तरह से बृहस्पतिवार रात स्वामी से पूछताछ के दौरान पुलिस लाइन में रात करीब 11:45 बजे भाजपा का झंडा लगी गाड़ी देखी गई। उससे समझा जा सकता है कि कहीं न कहीं परोक्ष में भाजपा साथ है।
स्वामी चिन्मयानंद को एसआईटी ने बुलाया तो वह चौक कोतवाली पुलिस की निगरानी में अपनी निजी गाड़ी से पुलिस लाइन पहुंचे थे लेकिन उनकी गाड़ी के पीछे भाजपा झंडा लगी गाड़ी भी पहुंची। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कहीं न कहीं भाजपा के लोग अंदर खाने स्वामी की मदद में लगे हुए हैं। स्वामी से पुलिस लाइन में जब तक पूछताछ होती रही, तब तक भाजपा का झंडा लगी गाड़ी खड़ी रही। पूछताछ के बाद जैसे ही स्वामी की गाड़ी निकली उसके आगे-आगे भाजपा का झंडा लगी गाड़ी भी निकल गई। ऐसा बताया जा रहा है कि भाजपा का झंडा लगी गाड़ी में बैठकर स्वामी के वकील आए थे। यह चर्चा का विषय बना है कि आखिर वह कौन है जो पार्टी की लीक से हटकर स्वामी की मदद को आया है।
हालांकि भाजपा उन्नाव विधायक सेंगर के मामले को लेकर फजीहत झेलने के बाद इस प्रकरण पर पूरी तरह से चुप हैं। फिलहाल वहीं छात्रा के पिता शुरू से ही कहते रहे कि आरोपी ताकतवर है, उसकी केंद्र और प्रदेश में सरकार है। हालांकि उन्होंने एसआईटी की जांच पर भरोसा जताया हुआ है।
शाहजहांपुर। स्वामी चिन्मयानंद को एसआईटी ने बृहस्पतिवार को शाम करीब छह बजे पुलिस लाइन स्थित कैंप कार्यालय में बुलाया था। यहां स्वामी से कई चरण में घटना से जुड़े बिंदुओं पर रात एक बजे तक पूछताछ होती रही।
एसआईटी पुलिस लाइन स्थित कैंप कार्यालय के जिस कमरे में स्वामी चिन्मयानंद से पूछताछ कर रही थी, उस कमरे के पीछे बने गेट के लिए जाने वाले रास्ते में स्वामी की गाड़ी को लगा दिया गया क्योंकि मीडिया के लोग पुलिस लाइन में डटे हुए थे कि स्वामी जब पूछताछ के बाद बाहर निकलेंगे तो मीडिया के सामने कुछ बोलेंगे लेकिन उन्हें कमरे के पीछे वाले गेट के पास गाड़ी में बैठा दिया गया और फिर पुलिस की गाडिय़ों के साथ उनकी गाड़ी पुलिस लाइन के मेन गेट से निकल गई। एसआईटी की पूरी कोशिश रही कि स्वामी मीडिया के सामने न पड़ पाएं, इसलिए उन्हें चुपके से गाड़ी में बैठाकर भेज दिया गया।