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गर्ल फ्रैंड को लेकर इन्वर्टिस में भिड़े से छात्रों के गुट, आठ सस्पेंड

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बरेली। इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी में बुधवार को मारपीट करने वाले लड़के बाहरी नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी के छात्र ही निकले हैं। छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट गर्ल फ्रैंड को लेकर हुई थी। प्रारंभिक जांच के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आठ छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। बुधवार को चीफ प्रॉक्टर अजय की ओर से बिथरी चैनपुर थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में पांच लड़कों को बाहरी बताते हुए नामजद कराया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में काफी हद तक कुछ चीजें साफ हो गई हैं।
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बुधवार दोपहर करीब तीन बजे कक्षाएं खत्म होने के बाद छात्रों के गुटों में यूनिवर्सिटी कैंपस में ही स्थित बस स्टैंड पर भिडंत हो गई थी। इसमें इंजीनियरिंग पीलीभीत के छात्र आदित्य समेत फरीदपुर के पारंतक और रिषभ घायल हो गए। चीफ प्रॉक्टर अजय की ओर से विशाल पटेल, धीरज नायर, निशित, अमित पटेल, संजय और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। बृहस्पतिवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन की जांच में साफ हो गया कि हमलावरों में दो लड़के बाहरी थे। इनमें तीन यूनिवर्सिटी के मौजूदा, जबकि एक पूर्व छात्र है। जांच के बाद आठ छात्रों को सस्पेंड किया गया है। नामजदों में धीरज भी घायल हुआ है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने उसका मेडिकल कराया।
इधर, पूरे फसाद की असल वजह गर्ल फ्रैंड के रूप में सामने आई है। एक घायल छात्र के पिता भी ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस भी इस बात को सही बता रही है। दरअसल, फरीदपुर का पारंतक शर्मा की कक्षा के एक छात्र-छात्रा के बीच मुंह बोले भाई-बहन का रिश्ता था। इस छात्रा की दोस्ती अमित पटेल से थी। कुछ दिन पहले अमित और छात्रा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। अमित इस छात्रा को परेशान करने लगा। छात्रा ने यह बात अपने मुंह बोले भाई पारंतक शर्मा के दोस्त को बताई। करीब 20 दिन पहले पारंतक, रिषभ, विवेक और शिवम ने इसको लेकर अमित और उसके दोस्त धीरज को समझाने की कोशिश की थी। उस वक्त भी छात्रों के दोनों गुटों के बीच झड़प होते-होते बची थी। यह बात यूनिवर्सिटी प्रशासन तक नहीं पहुंची। थी। छात्रों के दोनों गुट एक दूसरे से रंजिश मानने लगे। इसी रंजिश में बुधवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में यह बड़ी घटना हो गई।
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... तो यूनिवर्सिटी प्रशासन से नामजदगी में हो गई चूक
-छात्रों के गुटों के बीच भिड़ंत की एफआईआर दर्ज कराने में यूनिवर्सिटी प्रशासन से चूक हो गई। चीफ प्रॉक्टर अजय की ओर से दर्ज एफआईआर में छात्रों को बाहरी बताया गया है। दूसरे गुट के किसी छात्र की नामजदगी नहीं है। बृहस्पतिवार को पुलिस पूछताछ में धीरज ने पुलिस को बताया कि कैंपस में दूसरे गुट के छात्रों ने पहले हमला किया था। वायरल वीडियो में भी यह दिख रहा है। हालांकि, यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई इस घटना के मामले में अभी छात्रों के दोनों गुटों के परिवार वालों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। छात्रों के परिवार वाले किसी तरह से समझौता की कोशिश कर रहे हैं। इंस्पेक्टर बिथरी चैनपुर ललित मोहन सिंह का कहना है कि अभी जांच चल रही है। ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। प्रारंभिक जांच में पता लगा है कि नामजद भी यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। यह भी घायल हुए हैं। धीरज का मेडिकल कराया गया है। मारपीट की वायरल वीडियो से भी शिनाख्त की कोशिश की जा रही है।
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