फरीदपुर (बरेली)। लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर फरीदपुर के पास हादसों में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री के बेटे और आयकर अधिकारी की मौत के बाद बुधवार सुबह एक नर्सिंग होम के मालिक की जान चली गई। नैनीताल घूमने जा रहे कानपुर के नर्सिंग होम के मालिक सत्यदेव कुशवाहा की कार हाईवे किनारे खड़े खराब ट्रक में घुस गई। कुशवाहा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक डॉक्टर और चार कर्मचारी घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर है।
कानपुर में उत्तरीपुरा इलाके के शिवराजपुर थाना अंतर्गत डास नवादा निवासी सत्यदेव कुशवाहा (33) का नौबस्ता गल्ला मंडी में एसडी नर्सिंग होम एंड सर्जिकल सेंटर नाम से अस्पताल है। सत्यदेव के साले नितिन के मुताबिक मंगलवार को मोहर्रम पर अस्पताल में छुट्टी थी। अस्पताल के कर्मचारी गजेंद्र, राहुल, बृजेश, सोनू और देवेश ने पिक्चर देखने की इच्छा जाहिर की। सभी कार से लखनऊ के लिए निकले थे। वहां मूवी देखने के बाद रात में नैनीताल घूमने निकल पड़े। बुधवार सुबह छह बजे कार फरीदपुर में भूरे खां गौंटिया के पास बाईपास पर पहुंची तो बेकाबू होकर साइड में खड़े ट्रक में घुस गई।
कार में आगे की सीट पर बैठे कुशवाहा की मौके पर मौत हो गई जबकि फिजीशियन डॉ. देवेश, लैब टेक्नीशियन बृजेश और स्टाफ के गजेंद्र, राहुल और सोनू घायल हो गए। घायलों को बरेली के निजी अस्पताल भेजा। बृजेश और देवेश की हालत चिंताजनक है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन सत्यदेव के शव को कानपुर ले गए।
कई जिंदगी ले चुका है जर्जर हाईवे
मालूम हो कि इस जर्जर हाईवे पर हादसे में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। हाईवे के गड्ढ़ों के कारण फरीदपुर के ग्राम जेड के पास 25 जून को हादसे में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के पुत्र अंकुर और उसके दोस्त की मौत हो गई थी। इसी जगह 13 जुलाई को फिर भीषण हादसा हुआ जिसमें आयकर अधिकारी समेत तीन लोगों की जान चली गई थी।