बरेली। मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले सिपाही ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए बुधवार दोपहर एसएसपी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। पुलिसकर्मियों की छुट्टी और अन्य समस्याओं की सुनवाई कर रहे एसएसपी इस तरह अचानक इस्तीफे से चौंक गए। उन्होंने उसकी समस्या पूछकर निस्तारण का भी आश्वासन दिया, लेकिन सिपाही का मन नहीं बदला। एसएसपी ने पत्र लेकर विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया तो वह चला गया।
पत्रकारों से बातचीत में उसने अपनी पीड़ा सुनाई। मुजफ्फर नगर के गांव पिन्ना निवासी रवि कुमार ने बताया कि वह यहां काफी समय से पुलिस लाइन में तैनात है। फरवरी 2018 में उसकी शादी हुई। छुट्टी न मिलने और काम की अधिकता की वजह से पत्नी से दूरी बनती चली गई। कुछ महीने बाद ही दोनों ने तलाक का फैसला कर लिया और इसकी लिखापढ़ी शुरू कर दी। पत्नी की शिकायत रहती थी कि वह न तो साथ में वक्त बिता पाता है और न ही कहीं घुमाने ले जाता है। अपने परिवार से भी वो दूर होता चला गया। मानसिक तनाव इस कदर बढ़ा कि डिप्रेशन में रहने लगा। मुजफ्फरनगर के एक डॉक्टर से उसका इलाज चल रहा है। वहां दवा लेने भी समय से नहीं जा पाता है। डिप्रेशन में वो सही काम भी गलत कर जाता है, जिसकी वजह से अधिकारी और सहकर्मी उसे डांटते हैं। बताया कि घर पर साढ़े सात बीघा जमीन है। पिता को समस्या बताई तो उन्होंने सलाह ही कि नौकरी से बड़ी जिंदगी है। घर आ जाओ और खेतीबाड़ी कर लो। रवि का कहना था कि कप्तान साहब तो नए आए हैं। उनसे या किसी अन्य अफसर से उसे कोई दिक्कत नहीं है, वह निजी कारणों से ही नौकरी छोड़ रहा है।
आरआई बोले- छुट्टी मांगी थी, नौकरी नहीं छोड़ी
आरआई हरेंद्र सिंह ने बताया कि रवि मुजफ्फरनगर में इलाज कराने जाने को उनसे एक दिन की छुट्टी मांग रहा था। मोहर्रम तक छुट्टी न देने का आदेश है.. ये उसे बताया गया तो वह एसएसपी के पास चला गया होगा। उसका मानसिक चिकित्सक से उपचार चल रहा है। अधिकारी आदेश करेंगे तो उसका स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज कराएंगे। नौकरी छोड़ने का पत्र देने की बात उनकी जानकारी में नहीं है।
अकेेले जिम्मेदार की बात पर नाराज हुए कप्तान
मोहर्रम में छुट्टी की मनाही के शासन के आदेश के बाद भी जब सिपाहियों की अर्जियां लगीं तो एसएसपी नाराज हो गए। एक सिपाही ने उनसे अपने गृह जनपद में इलाज को जाने तो दूसरे ने खुद को घर का अकेला जिम्मेदार बताकर छुट्टी मांगी। एसएसपी ने तर्क दिया कि यदि किसी पुलिसकर्मी की तबियत खराब है तो वह नियमानुसार जानकारी दे। विभागीय स्तर से ही उसके बेहतर इलाज की व्यवस्था कराई जाएगी। एम्स तक इलाज कराएंगे। वहीं अकेले जिम्मेदार की बात पर कहा कि हर अधिकारी-कर्मचारी के घर में समस्या है। इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए। उन्हें मजबूत लोगों की जरूरत है, कमजोरों की नहीं।
‘रवि की ही नहीं कई और पुलिसकर्मियों की अपनी समस्याएं हैं। वे उन्हें दूर करने के लिए प्रयासरत हैं पर शासन के निर्देशों के तहत ड्यूटी तो करनी पड़ेगी। इस्तीफा देना या गलत धारणा बना लेना समस्या का हल नहीं है।’
- शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी