बरेली। कवायद शुरू की गई है कि आवारा गौवंशीय पशु सड़कों पर घूमते न दिखें। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने 18 टीमें बनाई हैं जो चिह्नित किए गए छह हाईवे पर ऐसे पशुओं को पकड़कर नजदीक के गौवंशीय आश्रयगृह की सुपुर्दगी में देंगी। एक हाईवे पर तीन टीमों की ड्यूटी रहेगी।
हाईवे पर आवारा जानवरों से हादसे का खतरा बना रहता है। कुछ दिन पहले फरीदपुर के पास एक बाइक सवार की जानवर की चपेट में आने से मौत हो गई थी। सीडीओ ने बरेली-दिल्ली, बरेली-लखनऊ, बरेली-नैनीताल, बरेली-पीलीभीत और बरेली-बदायूं समेत छह हाईवे को चिह्नित किया हैं। पशु चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में तीन-तीन टीमें इन सभी हाईवे पर आवारा गौवंशीय पशुओं को पकड़ेंगी। सीडीओ ने मुख्य चिकित्साधिकारी से कहा कि वे अपने स्तर से निर्देशित कर दें कि पकड़े गए पशुओं को पशु आश्रय गृह पहुंचाकर उसकी टैगिंग भी करना सुनिश्चित करें।