छात्रा और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण को स्वामी के खिलाफ राजनीतिक हथियार के तौर पर भी देखा जा रहा है। सोशल मीडिया में बुधवार को राज्यसभा के लिए गोलबंदी की चर्चा रही।
चिन्मयानंद ने इस बारे में अपने समर्थकों को जवाब भी दिए। माना जा रहा है कि स्वामी के राज्यसभा पहुंचने के रास्ता रोकने के लिए उनको प्री प्लान बदनाम किया जा रहा है। देश के कई राज्यों में राज्यसभा की कुछ सीटें रिक्त होने वाली हैं।
चिन्मयानंद की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के बढ़े नेताओं से नजदीकी किसी से छिपी नहीं है। संबंधों और अपने राजनीतिक कद का फायदा उठाते हुए चिन्मयानंद राज्यभा जाने की गोलबंदी में लगे थे। वहीं उनका विरोधी खेमा रास्ता काटने में जुटा था।
बृहस्पतिवार को चिन्मयानंद ने फेसबुक पर अपना प्रोफाइल फोटो बदलने के साथ अपने समर्थकों को राज्यसभा को लेकर किए सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान उन्होंने एक समर्थक से यह भी कहा है कि ऐसे मामलों से उनके और योगी के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।
अजय तिवारी नाम के एक समर्थक ने चिन्मयानंद से पूछा कि क्या इस घटनाक्रम का संबंध राज्यसभा की खाली सीटों पर होने वाले चुनाव से तो नहीं है। जब से योगी सीएम बने हैं एक प्रभावशाली गुट लगातार उन्हें उनसे दूर करने की कोशिश कर रहा है।
इस पर चिन्मयानंद कहा है कि नहीं तिवारी जी मेरे संबंधों पर कोई प्रभाव तो नहीं पड़ता है लेकिन योगी की निष्कलंक छवि को नुकसान पहुंचाने का उद्वेश्य हो सकता है।