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शाबाश बेटी! गंदी नजर डालने वालों को ऐसे ही बनकर दिखाते हैं अपराजिता

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बरेली। वक्त बदल रहा है और अब बेटियां उन पर गंदी नजर डालने वालों को बर्दाश्त करने के बजाय उन्हें अपराजिता बनकर दिखा रही हैं। मंगलवार को स्कूल से लौट रही एक नवीं की छात्रा ने उसे बार-बार छूने की कोशिश कर रहे 50 वर्षीय शख्स को सड़क पर रोककर सबक सिखा दिया। इसी बीच इधर से गुजरी बरेली कॉलेज की चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा ने छात्रा को उम्रदराज शख्स से उलझते और तमाम लोगों को तमाशबीन बने देखा तो रुक गईं। इसके बाद छेड़खानी करने वाली शख्स को पीटकर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
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सिटी स्टेशन के सामने रहने वाली छात्रा किला इलाके के स्कूल में कक्षा नौ में पढ़ती है। मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे छुट्टी के बाद वह स्कूटी से घर लौट रही थी। किला पुल के पास शराब के नशे में धुत एक रिक्शा वाले ने उसे दो बार गंदी तरीके से छुआ तो छात्रा ने अपनी स्कूटी रिक्शे के आगे लगाकर उसे रोक लिया और उससे उलझ गई। कुछ ही देर में सड़क पर भीड़ लग गई। इसी बीच इधर से गुजरी बरेली कॉलेज की चीफ प्रॉक्टर वंदना शर्मा ने छात्रा को रिक्शे वाले से उलझते देखा तो अपनी कार रुकवा ली। ड्राइवर की मदद से उन्होंने रिक्शा चालक को पकड़ लिया। छात्रा ने उन्हें रिक्शा चालक की हरकत बताई तो वह भड़क गईं। चीफ प्रॉक्टर ने रिक्शा चालक को दो थप्पड़ मारने के बाद सीओ किला सीमा यादव और इंस्पेक्टर किला डीसी शर्मा को सूचना दी। पुलिस रिक्शा चालक को पकड़कर थाने ले गई। इसी बीच मौके पर पहुंचे छात्रा के पिता उसे लेकर घर ले गए।
पुलिस का फिर वही बहाना, तहरीर नहीं मिली
आमतौर पर हाई प्रोफाइल मामला होने पर उसे तूल देने वाली पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नजर नहीं आई। रिक्शा चालक का मेडिकल कराया तो वह शराब के नशे में निकला। इसके बावजूद पुलिस ने उसके खिलाफ रिपोर्ट लिखने के बजाय तहरीर न मिलने का बहाना बनाया और शांतिभंग में चालान करके मामला रफा-दफा कर दिया।
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छात्रा को उलझते देख मैं वहां रुकी तो सामने आया कि रिक्शा वाले ने उससे अभद्रता की है। इस पर मैंने पुलिस को बुलाकर रिक्शा वाले को सौंप दिया। छात्रा ने जो हिम्मत दिखाई वह वाकई तारीफ के काबिल था। बेटियों को शोहदों को ऐसे ही सबक सिखाना चाहिए।
- डॉ. वंदना शर्मा, चीफ प्रॉक्टर, बरेली कॉलेज
रिक्शा चालक शराब के नशे में था, छेड़छाड़ जैसी बात नहीं थी। उसके खिलाफ कोई तहरीर भी नहीं दी गई इसलिए मेडिकल कराने के बाद शांतिभंग में चालान कर दिया गया है।
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- डीसी शर्मा, इंस्पेक्टर किला
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