बरेली। शायद यह इत्तफाक ही हो कि जिस दिन साक्षी और अजितेश अपनी शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए बरेली पहुंचे, ऐन उसी दिन अजितेश के करीबी गौरव अरमान के रिश्ते के चाचा अरुण ने श्यामगंज पुलिस चौकी से अपने अपहरण की कोशिश का शोर मचाया और उंगली बिथरी विधायक राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल की तरफ उठा दी। पुलिस ने अरुण को उसकी पत्नी से चल रहे पुराने झगड़े में बयान दर्ज कराने के लिए बुधवार को चौकी पर बुलाया था। इसी बीच उसने एक हिस्ट्रीशीटर समेत करीब 20 लोगों पर पुलिस चौकी से खुद को उठा ले जाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए कई अफसरों को प्रार्थना पत्र दिए। आरोप यह भी लगाया कि ये लोग विधायक की शह पर उसे उठाने आए थे। हालांकि पुलिस ने ऐसी कोई घटना होने से साफ इनकार कर दिया।
पुलिस के बुलावे पर बुधवार की दोपहर श्यामगंज पुलिस चौकी पहुंचे चंदपुर बिचपुरी गांव के अरुण ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। शाम के वक्त उसने एसएसपी और डीआईजी के दफ्तर जाकर तहरीर भी दे दी जिसमें कहा गया था कि उसकी नाबालिग अवस्था में ही उसकी शादी ज्यादा उम्र की लड़की से करा दी गई थी। बाद में उसका पत्नी से विवाद होने लगा। पत्नी की ओर से उसके और उसके परिवार के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई लेकिन बाद में दोनों के बीच अलग-अलग रहने की बात पर समझौता हो गया। इस समझौते के तहत उसने अपनी पत्नी को तीन लाख के चेक दिए थे। लेकिन हाल ही में उसकी पत्नी को उकसाकर कुछ लोगों ने उसके खिलाफ फिर शिकायत करा दी। इसी पर बुधवार को श्यामगंज चौकी परिसर में ही स्थित सीओ थर्ड के कार्यालय में उसे और उसकी पत्नी को बयान देने के लिए बुलाया गया था। पत्नी उसके साथ जाना चाहती थी लेकिन उसने सीओ थर्ड को उसके साथ हुआ लिखित समझौता दिखाया तो उन्होंने दोनों को अपने-अपने घर जाने को कह दिया।
अरुण का आरोप है कि इसी बीच बिथरी विधायक के इशारे पर एक हिस्ट्रीशीटर समेत करीब बीस लोग चार गाड़ियों से पुलिस चौकी पहुंचे। उसे धमकाया कि उसकी पत्नी की तरफ से उसके और उसके भतीजे गौरव अरमान आदि के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट कराएंगे। अरुण का कहना है कि सीओ के जाते ही इन लोगों ने उसे खींचकर गाड़ी में डालने की कोशिश की। वह शोर मचाते हुए छत पर पहुंचा तो इन लोगों ने जीने तक उसका पीछा किया। इस बीच काफी भीड़ इकट्ठी हो गई। गौरव अरमान केे पिता लखपत सिंह भी कुछ वकीलों को लेकर पहुंच गए। उनकी शिकायत पर पुलिस ने हमलावरों को खदेड़ दिया। अरुण ने तहरीर में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
गौरव पर लगा था अजितेश की मदद का आरोप
अजितेश की तरह गौरव अरमान भी कभी विधायक पप्पू भरतौल का नजदीकी हुआ करता था। हाल ही में साक्षी के अजितेश के साथ जाने के बाद गौरव का नाम उन दोनों की गुपचुप ढंग से मदद करने में आया था। इसके बाद पुलिस ने गौरव को साल भर पुराने मुहर्रम के दौरान हुए बवाल की एफआईआर में नामजदगी के आधार पर उठाकर जेल भेजा था। तब भी गौरव की ओर से विधायक के इशारे पर यह गिरफ्तारी किए जाने का आरोप लगाया गया था।
- मेरा न गौरव अरमान से कोई मतलब है न अरुण से, उस गांव में अरुण नाम के किसी व्यक्ति को मैं जानता तक नहीं लिहाजा मेरे ऊपर आरोप लगाने की कोई तुक नहीं है। ज्यादातर मामलों में बड़ी आसानी से मुझे लक्ष्य करके आरोप लगा दिए जाते हैं। पुलिस किसी तरह से जांच कर ले, मेरा इस मामले से कोई जुड़ाव नहीं मिलेगा। भीड़भाड़ वाले जिस इलाके में यह घटना होना बताया जा रहा है, वहां दिनदहाड़े ऐसा होना भी संभव नहीं लगता। - राजेश मिश्रा पप्पू भरतौल, विधायक बिथरी चैनपुर
दिन में पूरे समय मैं खुद श्यामगंज चौकी में अपने कार्यालय में बैठा रहा, अपहरण की कोशिश जैसा कुछ होता तो पता लगता। अरुण की पत्नी आरोप लगा रही थी कि पति ने उसे घर से निकाल दिया है। अरुण ने जो कागजात पेश किए उसके मुताबिक दोनों पक्षों में अलग रहने पर समझौता हो चुका है। पारिवारिक न्यायालय में कार्रवाई भी चल रही है। महिला को बता दिया गया कि पुलिस बिना कोर्ट ऑर्डर के उसे उसकी ससुराल नहीं भिजवा सकती। अरुण और उसकी पत्नी को पुुलिस ने ही अपनी गाड़ी से उनके घर छोड़ा। आरोप पूरी तरह निराधार हैं। - कुलदीप कुमार, सीओ थर्ड