बरेली। सप्ताह भर पहले झारखंड पुलिस की सूचना के बाद जंक्शन के बाहर वैन में हो रही अफीम की डीलिंग क्राइम ब्रांच ने पकड़ ली थी। इसमें सैन्यकर्मी समेत पांच लोगों को रिपोर्ट लिखकर जेल भेजा गया। अब वैन ड्राइवर की पत्नी ने पति को बेगुनाह बताकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का सिफारिशी पत्र भी लगाया गया है। एसएसपी ने एसपी क्राइम से मॉनीटरिंग को कहा है।
13 अगस्त की रात जंक्शन के पास हो रही अफीम की डीलिंग में एसएसपी आवास पर झारखंड पुलिस ने सूचना दी। बताया कि झारखंड से आई अफीम की खरीद फरोख्त की जा रही है। मारुति वैन का नंबर और लोकेशन भी बताई गई। तब क्राइम ब्रांच ने सैन्यकर्मी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें बहेड़ी क्षेत्र के ग्वारी गांव निवासी वैन मालिक भंवर चंद्र गंगवार भी था। सोमवार को उसकी पत्नी भावना गंगवार ने एसएसपी से मिलकर शिकायत की कि एक दिन पहले ही नौकरी पर रखे वैन ड्राइवर और सैन्यकर्मी की मिलीभगत से धंधा हो रहा था जिसकी उसके पति को भनक तक नहीं थी। किसी एजेंसी से निष्पक्ष जांच करा ली जाए तो सच सामने आ जाएगा। उसके पति के मोबाइल से आज तक इन लोगों को कॉल नहीं की गई। ड्राइवर बहाने से उन्हें बुला लाया था। फिर उसने अपने परिचित सैन्यकर्मी से मिलवाया। वहां से बहाने से कैंटीन पर सामान दिलाने ले गया। बाद में सैन्यकर्मी ने कहा कि जंक्शन पर उसके रिश्तेदार आ रहे हैं। उन्हें लेकर चलना है, अलग से किराया देने को कहा तो उसके पति बातों में आ गए। पुलिस की कार्रवाई के दौरान भी वे दूर खड़े थे। वे सही बात समझ नहीं पाए और खुद ही पुलिस कार्रवाई का विरोध करने आगे आ गए। तब क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे पकड़ लिया। भावना की शिकायत के साथ ही केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का लेटरपैड भी लगा हुआ था। इसमें भी विवेचना बदलकर सही कार्रवाई कराने की अपेक्षा की गई थी। एसएसपी ने एसपी क्राइम को मामले की मॉनीटरिंग के लिए लिखा है। एसपी क्राइम रमेश भारतीय का कहना है कि उन्हें अभी इस कवायद की जानकारी नहीं है। अफीम उसी गाड़ी से मिली थी और गाड़ी मालिक मौजूद था तो उसे कार्रवाई से अलग कैसे किया जा सकता था। अगर कोई नई बात सामने आएगी तो जांच के बाद कार्रवाई करेंगे।