बरेली। एक निजी स्कूल की शिक्षिका और उनके परिवार के खिलाफ लिखाई गई सामूहिक दुष्कर्म और देवी-देवताओं की मूर्तियां खंडित करने के आरोपों को पुलिस ने जांच में झूठा पाया। मामले में पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। साथ ही वादी को दोबारा झूठी रिपोर्ट न लिखवाने को लेकर चेतावनी भी दी गई।
बारादरी क्षेत्र निवासी एक शिक्षिका और उनके बीमार ससुर समेत पूरे परिवार के खिलाफ उनकी देवरानी ने ही घर में घुसकर उनसे सामूहिक दुष्कर्म करने, वीडियो बनाने और मंदिर की मूर्तियां खंडित करने का आरोप लगाते हुए तहरीर सौंपी थी। जांच के दौरान सभी आरोप झूठे पाए गए। पुलिस के मुताबिक आस पड़ोस के लोगों ने ऐसी किसी घटना की बात नहीं की। सीडीआर में शिक्षिका के पति की लोकेशन भी घटना के वक्त शहर से बाहर थी। साथ ही खुद पीड़िता के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में ऐसी कोई घटना कैद नहीं हुई। इंस्पेक्टर बारादरी राहुल सिंह ने बताया कि जांच में परिवार पर लगाए गए सभी आरोप झूठे पाए गए। मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है।