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दरोगा पर अब गर्भवती के पेट में लात मारकर नवजात की हत्या का आरोप

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बरेली। बिशारतगंज पुलिस के एक दरोगा के खिलाफ ग्रामीण ने पीटकर छत से फेंकने का आरोप लगाया था। अब इसी ग्रामीण की पुत्रवधू के पेट में पल रहे बच्चे की मौत का दावा किया जा रहा है। एसएसपी दफ्तर आए ग्रामीणों ने शिकायत की कि उसी रात पुलिस ने महिला के भी पेट में लात मारी थी जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसी वजह से उसका बच्चा मर गया। दरोगा और पुलिस टीम पर कार्रवाई की मांग की गई।
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शनिवार को जलालगंज से आए लोगों ने एसपी क्राइम को अपने परिवार के शकील अहमद की तहरीर दी थी। बताया था कि शुक्रवार रात थाने के एक दरोगा व कुछ सिपाहियों के साथ घर पहुंचे। शकील छत पर सो रहा था। पुलिस शकील को खींचने लगी। उससे कहा कि लखनऊ से तेरी जांच आई है। पांच लाख रुपये दे तो तेरे पक्ष में रिपोर्ट बना देंगे। शकील ने मना किया तो इन लोगों ने उसे पीटकर छत से फेंक दिया। वे लोग उसका उपचार करा रहे हैं। तब प्रारंभिक तौर पर मामला पेशबंदी का लगा था। सोमवार को शकील के बेटे रईस अहमद फिर कई ग्रामीणों के साथ एसएसपी से मिले। बताया कि पुलिस ने दबिश के दौरान उनकी गर्भवती पत्नी रवीना के पेट में लात मारी थी। घटना को आसपास के ग्रामीणों ने देखा था। अब मझगवां सीएचसी पर उनकी पत्नी को भर्ती कराया गया है। डॉक्टर का कहना है कि पेट में ही नवजात की मौत हो गई है। उनकी पत्नी की हालत भी खराब है। बिशारतगंज थाने से हाल ही में ट्रांसफर हुए दरोगा व स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट लिखी जाए। एसएसपी ने कहा कि आरोपों की जांच कराएंगे, सही निकले तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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