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अदालत ने दिया ऑटो ड्राइवर का इलाज कराने का आदेश

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बरेली। सत्संगी दंपती हत्याकांड के खुलासे में इतने पेच हैं कि अब लोग सच जानने के लिए उतावले होने लगे हैं। फौजदारी के सीनियर वकील अनिल द्विवेदी ने इस मामले में पहल करते हुए स्वतंत्र रूप से कोर्ट में तथ्य रखने की बात कही है। उन्होंने बताया कि उनकी अर्जी पर अदालत ने अनुराग भागवानी का इलाज कराने का आदेश दिया है। उधर महिला जागृति मंच की अध्यक्ष मनु नीरज ने भी हत्यारोपी के परिवार की मदद करने की पहल की है।
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अधिवक्ता अनिल द्विवेदी ने बताया कि अदालत के आदेश के मुताबिक एक-दो दिन में ही अनुराग को जेल से जिला अस्पताल लाया जाएगा और जरूरत के मुताबिक वहां से इलाज के लिए लखनऊ या दिल्ली भेजा जाएगा क्योंकि जान बचाने के लिए उसकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि अदालत में उन्होंने तर्क दिया था कि अनुराग भागवानी हत्यारा है या नहीं, ये अदालत में तय होगा लेकिन मानवीय आधार पर उसका उपचार होना जरूरी है। कोर्ट ने अधिकारियों को इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। अनिल द्विवेदी ने कहा कि यह गैर इरादतन हत्या का मामला हो सकता है मगर पुलिस के सामने अनुराग की बताई कहानी किसी के गले नहीं उतर रही। पहले तो मूसल से हत्या करने की कोई तुक नहीं थी। हत्या के लिए मूसल खरीदने पीलीभीत जाने की बात भी समझ नहीं आती।

दो साल पहले लगी थी रीढ़ की हड्डी में चोट
मनु नीरज रविवार दोपहर अनुराग के घर पहुंची। उसकी मां पुष्पा देवी ने बताया कि इस वारदात से पहले उनके बेटे के खिलाफ कोई एनसीआर भी दर्ज नहीं है। उन्हें यकीन नहीं है कि वह इतनी बड़ी घटना कर सकता है। उससे बात करने के बाद ही उन्हें कुछ पता लग पाएगा। पुष्पा देवी ने बताया कि 2017 में अनुराग की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी, उसका इलाज भी चला था जिसके कागजात उनके घर में मौजूद हैं।
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बेटियों ने स्कूल जाना छोड़ा
अनुराग की पत्नी अमिषा अभी तक काफी सहमी हुई है। उसने बताया कि पति ने गलत किया है या नहीं, वह अभी कुछ नहीं जानती लेकिन फिलहाल इसकी सजा पूरा परिवार भुगत रहा है। उसका राह निकलना दूभर हो गया है और लोगों के तानों की वजह से उसकी बेटियों ने भी स्कूल जाना छोड़ दिया है।
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