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श्मशान से होता खुलासा तो बल्लू जैसे पिटने से बच जाते

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बरेली। श्मशान घाट से दोहरे हत्याकांड के खुलासे का सुराग मिलने की बात किसी के गले नहीं उतर रही, ऐसा होता तो कई संदिग्धों की पिटाई होने से बच जाती।
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पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया है कि दंपती की अंत्येष्टि के बाद श्मशान घाट नहीं पहुंचने वाले सत्संगी परिवार के पड़ोसियों पर शक गहरा गया था जिनमें अनुराग भी शामिल था। आसपास के लोगों से जानकारी करके पुलिस ने उन लोगों की लिस्ट बनाई जो मौके पर नहीं आए। फिर अनुराग का नंबर बंद होने से पुलिस का शक और गहरा गया और उसकी तलाश शुरू कर दी। जाहिर है कि फुटेज में दिख रहे आरोपी से मिलते हुए चेहरे की वजह से बल्लू व बैंक कर्मी समेत तीन लोगों को पकड़कर पुलिस ने पिटाई लगा दी। कई दिन पुलिस खुशफहमी में रही कि बल्लू ही कातिल है। पहले से पुख्ता सुराग होता तो शायद ही पुलिस ऐसे हल्का हाथ डालती। खुलासे से बल्लू भी काफी खुश है। उसका कहना था कि पुलिस ने उसे दूसरे ही दिन से टार्चर करना बंद कर दिया था। निर्दोष बताकर छोड़ने के बावजूद उसे अजीब सी घबराहट थी। अब केस खुल गया है तो उसे भी संतोष है। सही आरोपी को सजा मिलनी जरूरी थी।
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बुरे काम का बुरा नतीजा, जेल में और बढ़ा अनुराग का दर्द
बरेली। दोहरे हत्याकांड के आरोपी अनुराग की हालत काफी खराब है। उसे जिला जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां भी वह बेचैन है। उसकी रीढ़ का ऑपरेशन न होने पर जान का खतरा बना हुआ है। जेल सूत्रों के मुताबिक उसे असहनीय दर्द हो रहा है और पेन किलर का असर खत्म होने पर वह कराहने लगता है। परिवार के लोग अब बेहतर इलाज के लिए लिखापढ़ी करेंगे। पुलिस अब उसकी रिमांड की जरूरत नहीं समझ रही। कुछ लोगों के बयान व साक्ष्य जुटाकर अनुराग के खिलाफ चार्जशीट लगाने का प्लान है।
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