उन्होंने बताया कि अनुराग रूपा के घर के सामने उसके उसके बहनोई के मकान में करीब दस साल तक रह चुका है। मार्च में यह मकान बिकने के बाद अनुराग ने राजेंद्रनगर में किराए का मकान ले लिया। सेंट्रल बैंक की सहायक प्रबंधक रूपा अक्सर उसके ऑटो से ही बैंक आती-जाती थीं, इसी दौरान उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं।
डीआईजी ने बताया कि रूपा ने अनुराग के साथ अपने बीमार पति नीरज सत्संगी की हत्या के लिए पांच लाख रुपये में सौदा किया था। उसे बतौर एडवांस दस हजार रुपये दे दिए थे। ढाई लाख की रकम हत्या के दिन और बाकी पंद्रह दिन बाद देने की बात तय हुई थी। इसके बाद अनुराग 13 जुलाई को पीलीभीत जाकर वहां से एक लोहे का मूसल, काली कैप और मेडिकल मास्क खरीदकर ले आया था।
रूपा के साथ तय योजना के तहत 24 जुलाई को वह रात दस बजे उनके घर पहुंचा। अंदर का गेट पहले से खोलकर रखा गया था। अंदर घुसकर अनुराग ने खाना खा रहे नीरज सत्संगी के सिर पर मूसलों से वार करने शुरू किए तो रसोई में मौजूद रूपा ने चीखना शुरू कर दिया। अनुराग ने इस पर गुस्से में आकर रूपा पर भी मूसल से हमला कर दिया।
बाहर पड़ोसी इकट्ठे हुए तो वह छत से पीछे कूद गया। रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बावजूद वह डेलापीर तक पैदल गया। वहां से ऑटो करके पुराने रोडवेज बस स्टैंड पहुंचा और फिर दिल्ली जाकर सुबह गुरु तेज बहादुर अस्पताल में भर्ती हो गया।
दो दिन वहां भर्ती रहने के बाद जब ऑपरेशन के लिए पैसे और तीमारदारों को बुलाने की जरूरत पड़ी, तो वह वहां से आगरा में अपनी बहन के घर चला गया। वहां से एंबुलेंस करके इलाज कराने बरेली आया था तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। डीआईजी ने बताया कि अनुराग भागवानी के पास रूपा सत्संगी का पर्स, आईडी कार्ड, दंपती के दोनों मोबाइल, बैंक पासबुक, लूटे गए लगभग दो हजार रुपये और एक वो चप्पल बरामद की गई है जिसके साथ की दूसरी चप्पल वह मौके पर छोड़कर भागा था।
डीआईजी ने बताया कि पॉश एरिया में हुई इस हत्या के बाद लोगों में दहशत थी। बड़ी घटना होने की वजह से उच्चाधिकारियों की भी इस पर नजर थी। इसलिए खुलासा करने वाली संयुक्त टीम को उनकी ओर से 50 हजार इनाम दिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एसएसपी मुनिराज ने भी 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की।