बरेली। कैंट थाना क्षेत्र में हुई निजी अस्पताल कर्मी की हत्या का खुलासा कर पुलिस ने सौतेली बहन को जेल भेज दिया। विधवा बहन ने कबूला कि भाई उसके प्रेम संबंधों में बाधक बन रहा था। इसलिए प्रेमी ने अपने दोस्त के साथ उसके ही सामने भाई की हत्या कर दी। बाद में उन लोगों ने केबल से शव बांधकर नहर में फेंक दिया। दोनों हत्यारोपी अभी फरार हैं।
21 वर्षीय रोहित मिश्रा पुत्र सर्वेश नरियावल के शान हॉस्पिटल की लैब में काम करता था। 20 जुलाई की सुबह वह ड्यूटी के लिए घर से निकला था। शाम को घर पर फोन करके काम अधिक होने के कारण सुबह आने को बताया। सुबह परिजन ने जानकारी की तो अस्पताल स्टाफ ने शाम को ही जाने की बात कही। पिता ने मंगलवार को कैंट थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई। गुरुवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि परसौना नहर में केबल से बंधी रोहित की लाश पड़ी है। पिता सर्वेश ने अपनी दूसरी पत्नी मीना और उसकी बेटी अर्चना समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ बेटे की हत्या की रिपोर्ट कराई थी।
कैंट पुलिस ने अर्चना को गिरफ्तार कर सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर अवनेश कुमार ने बताया कि अर्चना के पति बिथरी निवासी सूरजपाल की मौत के बाद उसके संबंध बिथरी निवासी धर्मेंद्र से हो गए। सौतेला भाई रोहित इसका विरोध करता था। वहीं, धर्मेंद्र को रोहित और अर्चना के संबंधों को लेकर शक था। बीस जुलाई को रोहित शाम सात बजे अर्चना के घर पहुंचा और वहीं खाना खाया। इसी बीच धर्मेंद्र अपने दोस्त आलमपुर गजरौला निवासी मैसर के साथ पहुंचा। दोनों ने रोहित को जमकर पीटा और तख्त के नीचे गिरा दिया। उसकी मौत होने के बाद तीनों ने उसे केबल से बांधकर बोरे में बंद किया और नहर में फेंक दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि धर्मेंद्र और मैसर की तलाश की जा रही है। रोहित की सौतेली मां की भूमिका सामने नहीं आई है।