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आपूर्ति कार्यालय में पकड़ा दलाल, पुलिस को चकमा भागा

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बीसलपुर (पीलीभीत)। गरीबों के राशन पर डाका डालने की शिकायत पर विधायक रामसरन वर्मा ने अधिकारियों के साथ सोमवार को आपूर्ति कार्यालय में छापा मारा तो एक दलाल हत्थे चढ़ गया। उसे कोतवाली ले जाया गया लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर भाग गया। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने कार्यालय को सील कर दिया है। कानूनी कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने कोतवाली से फरार हुए मोहल्ला दुबे निवासी आरोपी राजू के खिलाफ तहरीर दी है।
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आपूर्ति कार्यालय में राशन कार्डों के नवीनीकरण और नए राशन कार्ड बनाने में उगाही के अलावा कोटेदारों से वसूली की लगातार मिल रही शिकायतों पर विधायक रामसरन वर्मा ने सोमवार शाम साढ़े चार बजे प्रशासन और पूर्ति विभाग की टीम के साथ कार्यालय पर छापा मारा। आपूर्ति कार्यालय के कर्मचारी छापा पड़ते ही भाग गए, लेकिन वहां मौजूद एक दलाल हत्थे चढ़ गया। उसकी जेब से 5990 रुपये और उसके बैग में राशन कार्ड ऑनलाइन किए जाने वाले 32 फार्म मिले। जिला पूर्ति अधिकारी एपी सिंह ने बरामद फार्म कब्जे में ले लिए। एसडीएम सौरभ दुबे ने पकड़े गए दलाल को कोतवाल हरीशंकर वर्मा की सुपुर्दगी में दे दिया। कोतवाल आरोपी को कोतवाली ले आए, जहां वह किसी बहाने से पुलिस की पकड़ से भाग निकला। उधर, एसडीएम सौरभ दुबे के निर्देश पर तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने आपूर्ति कार्यालय को सील कर दिया। इसके बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रितेश चंद्रा की ओर से आरोपी दलाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को तहरीर दी गई है। हालांकि अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने आरोपी के घर पर दबिश भी दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा।

आपूर्ति कार्यालय से पकड़े गए व्यक्ति को तलाशने के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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-प्रवीण मलिक, सीओ, बीसलपुर

ग्रामीण बोले- हमारे तो रुपये भी ले लिए और राशन कार्ड भी नहीं बना
हम मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं और बीपीएल राशन कार्ड की श्रेणी में भी आते हैं, लेकिन कार्ड अब तक नहीं बन सका है। दलाल ने एक हजार रुपये मांगे थे, इसमें 900 रुपये दे दिए थे। चार माह से चक्कर लगा रहे हैं।
- शिवदयाल, वीरमपुर गांव

मैने भी बीपीएल राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया है। पांच महीने से मुझसे चक्कर लगवाए जा रहे हैं। किसी तरह से रुपये की मांग तो नहीं की गई, लेकिन एक-दो बार दलाल से मिलने का इशारा किया जा चुका है।
- रिसेंद्र, बड़ागांव

हमने राशन कार्ड बनवाने के लिए दलाल को तेरह सौ रुपये दिए थे। जिसको रुपये दिए उसका नाम तो पता नहीं लेकिन चेहरा देख पहचान लूंगा। डेढ़ महीने से चक्कर लगा रहा हूं। - राहुल दीक्षित, रंबोझा गांव
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