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इनाम के चक्कर में पुलिस को घनचक्कर बना रहे लोग

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बरेली। बैंक अफसर रूपा सत्संगी और उनके पति नीरज सत्संगी की हत्या में पांचवें दिन भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लग पाया। हत्याकांड के दूसरे दिन ही पुलिस ने सत्संगी दंपती के हत्यारे को पकड़वाने के लिए 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया था। इस इनाम के चक्कर में पुलिस को सूचनाएं तो तमाम मिल रही हैं लेकिन सभी बोगस निकल रही हैं।
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पुलिस को वारदात में सर्विलांस से भी कुछ ऐसा हासिल नहीं हुआ जिससे खुलासे की डगर आसान हो सके। दंपती के नंबरों पर कोई संदिग्ध कॉल हालिया दिनों में नहीं मिली। हत्यारे की वीडियो फुटेज के सहारे ही अब तक उसे खोजने की नाकाम कोशिश करती आ रही है। इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलवीर सिंह की मदद के लिए रविवार को एसपी क्राइम रमेश भारतीय भी कॉलोनी पहुंच गए। उन्होंने उन घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुबारा चेक किया। पहले घटना के टाइम से पंद्रह से बीस मिनट आगे-पीछे की फुटेज देखी गई थी, मगर रविवार को घटना से दो घंटे आगे और पीछे की भी फुटेज देखी गई लेकिन फिर भी कोई सुराग नहीं मिला। अब बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों के फुटेज भी निकलवाए गए हैं। प्रेमनगर पुलिस का मुखबिर तंत्र भी फेल नजर आ रहा है। पुलिस के पास काम लायक कोई सूचना नहीं आ रही है।
उधर, हत्यारे की गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम घोषित करना भी पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। इस वजह से अधिकारियों को अपुष्ट सूचनाएं मिल रही हैं। एक अधिकारी के मोबाइल पर आरोपी से मिलती जुलती शक्ल का एक और फोटो आया। फोटो के ही आधार पर उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी इसलिए इस सूचना को खारिज कर दिया गया। कुछ और भ्रामक सूचनाएं मिलीं। मौके पर स्थिति अलग मिली तो संदिग्ध को नहीं उठाया गया।
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पीड़ित परिवार ने बताया रास्ता, टॉवर
की रेंज में आए नंबर चेक करे पुलिस
जतिन के रिश्तेदारों ने प्रेमनगर इंस्पेक्टर से मांग की कि कॉलोनी में वोडाफोन का टावर लगा है। पुलिस उस रात टावर की रेंज में आने वाले मोबाइल नंबरों की जानकारी कर जांच करे तो क्लू मिल सकता है। इंस्पेक्टर ने कहा कि सर्विलांस टीम पहले से इस पर काम कर रही है, कोई नई जानकारी मिलेगी तो उन लोगों से भी शेयर की जाएगी।

बेटे ने जुटाए मां-बाप की मृत्यु के कागजात
जतिन सत्संगी ने पोस्टमार्टम हाउस और अस्पताल से माता-पिता की मृत्यु के संबंध में कागजात हासिल कर लिए हैं। रविवार को सारे कागजात जुटाने के बाद वे अब नगर निगम से मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए आवेदन करेंगे। इसके बाद माता-पिता के बैंक संबंधी देयों को निकलवाने में लगेंगे। परिवार के कुछ लोग भी यहां रुके हुए हैं। सभी ने सहूलियत के लिए घर के करीब एक बड़े होटल में रूम ले रखा है। ये लोग दिन में घर आते-जाते हैं और रात को होटल में रुकते हैं। रविवार को जतिन ने घर की साफ सफाई भी कराई। शाम को वहां ताला डाल दिया गया।
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