बरेली। सत्संगी दंपती के हत्यारे का चेहरा सामने होने के बावजूद पुलिस के हाथ चौथे दिन भी पूरी तरह खाली रहे। एडीजी और डीआईजी जैसे आला अधिकारियों की सीधी मॉनीटरिंग का भी कोई खास नतीजा नहीं निकल पा रहा। कोई नई जानकारी मिलते ही पुलिस जिसे महत्वपूर्ण सुराग समझती है, वही बाद में अबूझ सवाल बन जाता है।
बैंक अफसर रूपा सत्संगी और उनके पति नीरज सत्संगी की हत्या के बाद से खुलासे में जुटी पुलिस टीमों के तमाम हाथ-पैर मारने के बाद भी सारी कवायद बेनतीजा साबित हुई है। प्रेमनगर पुलिस और क्राइम ब्रांच के अलावा इंस्पेक्टर कोतवाली गीतेश कपिल और स्टेशन चौकी प्रभारी सिद्धांत शर्मा को भी पड़ताल में लगाया गया है। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी के आने-जाने की लोकेशन और अस्पतालों में भर्ती पैर टूटे लोगों का रिकार्ड देखकर टीमें थक चुकी हैं। फुटेज में मिलते जुलते चेहरे वाले आरोपियों को लोगों की सूचना या अपनी तफ्तीश के आधार पर पुलिस ने उठाया भी सही आरोपी को नहीं खोज सकी। अब फुटेज वायरल होने के बाद वैसे भी हल्के तरीके से खुलासा करना पुलिस के लिए संभव नहीं रह गया है। परिवार जल्दी सही खुलासा चाहता है, जनता भी इस जघन्य हत्याकांड की वजह और सच्चाई जानना चाहती है पर पुलिस की अब तक की कार्यप्रणाली से निराशा ही हाथ लगी है।
इन सवालों में उलझी पुलिस
- हत्यारा परिचित था तो किसी और ने कभी क्यों नहीं देखा।
- हत्यारा अंजान शख्स था तो उसके लिए गेट क्यों खोला गया, चाय क्यों बनाई गई।
- हत्यारा जिले का ही है तो ईनाम घोषित करने और जानकारी गोपनीय रखने के बाद भी कोई सटीक सूचना क्यों नहीं मिली।
- हत्यारा बाहरी शहर का और अंजान है तो उसे घर और दो ही लोगों की मौजूदगी के बारे में सटीक जानकारी कैसे हुई।
- आरोपी के आते वक्त ई रिक्शा का थोड़ा हिस्सा दिखा है, जाते वक्त वह किससे गया है।
- मृतकों के मोबाइल की कॉलडिटेल से टीम एक भी साक्ष्य क्यों नहीं खोज सकी।
लंगड़ा प्रापर्टी दलाल तो नहीं आरोपी
- इलाके में एक लंगड़े प्रापर्टी डीलर की आवाजाही भी रहती है। सूत्रों के मुताबिक उसका चेहरा भी कुछ ऐसा ही है। लोगों ने पुलिस अधिकारियों को इस बारे में मेसेज भेजा है कि कहीं वही तो हत्यारा नहीं है। पुलिस भी प्रापर्टी से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है।
हवन में शामिल हुईं सुप्रिया ऐरन
सत्संगी परिवार ने शनिवार को वैदिक रीति से हवन पूजन कराया। इसमें पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन, कांग्रेस नेता अजय शुक्ला, सेंट्रल बैंक के एजीएम अमित खरे और बैंक स्टाफ के कई लोग मौजूद रहे। इसके बाद जतिन के नोएडा व अन्य स्थानों से आए परिजन चले गए और दुबई से आए परिजन घर के पास ही एक होटल में रुके हैं। जतिन भी सहूलियत के लिहाज से उसी होटल में आ गए हैं। उनके चाचा का कहना था कि घर में रहने पर दहशत की कोई बात नहीं है। जतिन अभी यहां रुककर घर में मेंटीनेंस कराएंगे। प्रापर्टी बेचने का कोई प्लान नहीं है। जतिन का गुड़गांव में बेहतर जॉब है, फिलहाल वहीं सेटल होगा।