बरेली। दोहरे हत्याकांड में पति से पहले हत्यारे के वार झेलने वाली रूपा सत्संगी बहुत संघर्षशील महिला थीं। पति की बीमारी और बेटे को पढ़ाकर सेटल करने में उन्होंने जीवन गुजार दिया। बैंक स्टाफ से भी उनका व्यवहार काफी अच्छा था। पोस्टमार्टम हाउस से लेकर घर पर सांत्वना देने वाले स्टाफ के लोग इसका जिक्र कर रहे थे।
विभागीय लोगों ने बताया कि सीता किरन होटल के पास संचालित सेंट्रल बैंक का रीजनल दफ्तर करीब छह साल पहले बंद हो गया था। तब बरेली की ब्रांचों को मेरठ के रीजनल ऑफिस से संबद्ध कर दिया गया था। उन दिनों रूपा सत्संगी का ट्रांसफर आगरा हो गया था। वहां करीब दो साल काम करते हुए भी उन्होंने पैरालिसिस से दिव्यांग हुए पति का इलाज और बेटे जतिन की इंजीनियरिंग की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठाई। पारिवारिक मित्र बताते हैं कि जतिन जिस विवि से पढ़ाई कर रहे थे उसकी डिग्री अमान्य बताकर उसे बंद कर दिया गया। तब दूसरे विवि में एडमिशन कराया गया। इसके लिए रूपा ने एजूकेशनल लोन भी कराया और उसकी किस्त देती रहीं। आगरा से आने के बाद उन्होंने बैंक की कोहाड़ापीर ब्रांच में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर काम किया। अब बैंक अपने रीजनल ऑफिस को फिर अस्तित्व में ला रही थी। पुराने स्टाफ में पूर्व अनुभव के आधार पर रूपा को डेपुटेशन पर महीने भर पहले रीडनल ऑफिस में अटैच किया गया था। यहां वह लेखा व प्लानिंग एंड डेवलपमेंट सेक्शन में काम देख रही थीं। स्टाफ का कहना था कि कभी उन्होंने किसी से ऊंची आवाज में बात नहीं की और न किसी से कोई झगड़ा हुआ।
कोई घोटाला दबाने का तो नहीं था दबाव
हत्याकांड की वजह को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। सत्संगी परिवार से जुड़े एक शख्स ने बताया कि रूपा सत्संगी बैंक के रीजनल ऑफिस में थीं और सप्ताह भर रिटायर होने वाली थीं। हो सकता है कि उनके रिटायरमेंट से पहले कोई सहकर्मी या दलाल उनसे कोई फाइल दबवाना चाहता हो जिसके लिए रूपा तैयार न हों। इसी का दबाव बनाने के लिए उसने कोई मेसेंजर या सुपारी किलर भेजा हो जिसने विवाद के बाद रूपा की हत्या कर दी और चश्मदीद के रूप में नीरज सत्संगी को मारकर निकल गया। हालांकि बैंक प्रबंधन से जुड़े लोग इस तरह की संभावना से इंकार कर रहे हैं।
आईवीआरआई रोड पर चेक किए अस्पतालों के फुटेज
पुलिस को अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज से इतना तो पता लग गया कि हत्यारोपी भास्कर अस्पताल तक ई रिक्शा में बैठकर आया और वहां से पैदल ही गली में होता हुआ घर आ गया। पीछे की गली से लंगड़ाते हुए जाते आरोपी की फुटेज भी पुलिस के पास है पर आरोपी बाद में किधर निकल गया, ये जानकारी पुलिस नहीं मालूम कर पा रही है। इसी सिलसिले में पुलिस की टीमों ने शुक्रवार को रास्ते के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। देर रात इनका परीक्षण किया जा रहा था।
करीबी शख्स से पूछताछ जारी
परिवार के एक करीबी को पुलिस ने गुरुवार को ही उठा लिया था। सूत्रों की मानें तो उसे एकांत स्थान पर रखकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारी ऐसे किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने से इंकार कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि खुलासे में मदद को पूछताछ तो कई लोगों से की जा रही है पर किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने दी सांत्वना
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री संतोष गंगवार और शहर से भाजपा विधायक डॉ. अरुण कुमार ने उस होटल में जाकर परिवार से मुलाकात की जहां परिचित व रिश्तेदार रुके हुए हैं। केंद्रीय मंत्री ने दोहरे हत्याकांड पर खेद जताया। कहा कि वह अधिकारियों से बात करके जल्द खुलासा कराने को कहेंगे।