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दोनों मोबाइल पर घटना के बाद आईं 14 मिसकॉल

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बरेली। दोहरे हत्याकांड में दंपति के दोनों मोबाइल क्राइम ब्रांच ने कब्जे में ले लिए हैं। इनके अलावा परिवार के एक-दो और लोगों के नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। पुलिस का मानना है कि हत्यारा करीबी है तो मोबाइल के सहारे काफी जानकारी मुहैया हो सकती है। रूपा सत्संगी मल्टीमीडिया मोबाइल चलाती थीं तो उनके पति नीरज कीपैड वाला मोबाइल इस्तेमाल करते थे। नीरज के नंबर पर घटना के बाद तीन और उनकी पत्नी के नंबर पर 11 मिसकॉल आई थीं। जाहिर है कि इनमें से अधिकांश कॉल पड़ोसियों और बेटे की थीं जो रूपा की चीख सुनने के बाद की गईं।
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सवा नौ बजे की थी रेकी
बुधवार रात करीब सवा नौ बजे एक स्कूटी सवार व्यक्ति ने नीरज सत्संगी के घर का चक्कर लगाया था। घर के पास वाले सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में इसकी भी धुंधली तस्वीर है। हालांकि यह गली का ही कोई वाशिंदा या किसी का परिचित हो सकता है पर अंदाज लगाया जा रहा है कि हत्यारोपी ने ही घटना से पहले घर का चक्कर लगाकर माहौल भांपने की कोशिश की होगी।

रूपा की हत्या ही था मकसद, बेरहमी से मारा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो सहायक प्रबंधक रूपा सत्संगी की हत्या ही आरोपी का मुख्य मकसद रहा। उसने रूपा को बेरहमी से मारा। हालांकि दोनों की ही हत्या वजनदार चीज से सिर कुचलने से होना पुष्ट हुई जिससे ब्रेन हेमरेज उनकी मौत की वजह बना। बावजूद रूपा के सिर पर ताबड़तोड़ अनगिनत वार किए गए। नीरज के माथे पर मूसल मारा गया तो जबड़ा भी तोड़ दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गौर करें तो पता लगता है कि हत्यारे का मकसद रूपा की हत्या करना ही रहा होगा। उसने नीरज की हत्या इस वजह से की ताकि वह उसका भेद न खोल दें।
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आखिरी दर्शन को उमड़ी भीड़
दोनों शवों को वैन में शाम के वक्त पोस्टमार्टम हाउस से घर लाया गया। यहां इनके अंतिम दर्शन को लोगों की भीड़ उमड़ी। दंपति का व्यवहार पड़ोसियों और परिचितों से काफी अच्छा था, लोग नम आंखों के साथ इस बात का भी जिक्र कर रहे थे। बाद में संजय नगर श्मशान भूमि पर शवों की अंत्येष्टि की गई। बेटे जतिन ने मुखाग्नि दी।
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