फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आतंकी कनेक्शन तो रहे पर बरेली में नहीं रहा आईएम का नेटवर्क

विज्ञापन
आतंकी कनेक्शन तो रहे पर बरेली में नहीं रहा आईएम का नेटवर्क - फोटो : अमर उजाला, बरेली
विज्ञापन
बरेली। बरेली जंक्शन को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में सुरक्षा एजेंसियां यूं तो आश्वस्त हैं कि ये किसी मसखरे की हरकत है, पर अंदर ही अंदर इसके पीछे छिपा आतंकी कनेक्शन तलाश किया जा रहा है। बरेली में इंडियन मुजाहिदीन का यूं तो कोई नेटवर्क नहीं रहा है पर दूसरे संगठनों और आतंकी कनेक्शनों को खंगाला जा रहा है।
विज्ञापन

इंडियन मुजाहिदीन एक आतंकी समूह है। अब्दुल सुभान कुरैशी नाम के आतंकी ने 2010 में इसका गठन किया। जून 2010 में भारत सरकार ने इसे आतंकी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित दिया। सिमी पर बंदिश और इससे जुड़े लोगों की धरपकड़ के बाद ही यह संगठन कायदे से अस्तित्व में आया। सिमी से जुड़े कई लोगों ने यह ग्रुप ज्वाइन किया। बरेली में सिमी का नेटवर्क था पर उसके लोगों के आईएम से जुड़ने का मामला इंटेलीजेंस की पकड़ में आज तक नहीं आया। हालांकि यहां से दूसरे संगठनों से जुड़े आतंकियों का नेटवर्क जरूर जुड़ा रहा। 21 जुलाई 2016 को प्रधानमंत्री मोदी की शाहजहांपुर रैली से एक दिन पहले एटीएस ने शाहबाज नाम के आतंकी को जिले के बहेड़ी से गिरफ्तार किया था। उसका कनेक्शन आईएसआईएस से जुड़ा बताया जा रहा था।

- बरेली में इंडियन मुजाहिदीन का कोई नेटवर्क नहीं है। बावजूद इस तरह की चिट्ठी मिलने के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी। जंक्शन पर भी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। - अवनीश चंद्र, एडीजी जोन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें