‘धमाके’ से दहला पूरा सीबीगंज पर सुराग कोई नहीं
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सीबीगंज (बरेली)। देर शाम करीब सवा पांच बजे तेज धमाके से पूरा सीबीगंज कस्बा दहल गया। इस धमाके की आवाज थाने तक पहुंची, जिसे इंस्पेक्टर समेत स्टाफ ने भी सुना तो हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि इस दौरान महेशपुरा गांव में खिड़कियों के कांच भी टूट गए। वायलर फटने की आशंका के चलते पुलिस ने परसाखेड़ा में फैक्ट्रियों में भी जांच-पड़ताल की, मगर कोई सुराग नहीं लगा।
धमाके की आवाज बुधवार शाम करीब सवा पांच बजे सुनाई दी। धमाका इतना तेज था कि हर किसी को यह लगा कि उसके घर के पास ही कुछ हुआ है। कुछ ही देर में तमाम लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। सब यह जानना चाहते थे कि आखिर हुआ क्या है? माजरा जानने के लिए थोड़ी ही देर में थाने से लेकर मीडियाकर्मियों के फोन घनघनाने लगे। लेबर कॉलोनी के लोगों का कहना है कि तेज आवाज से कॉलोनी की बिल्डिंग हिल गई। महेशपुरा गांव में घरों के शीशे टूटने की सूचना है। कुछ लोगों ने कहा कि परसाखेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में किसी फैक्ट्री में बॉयलर फटा होगा लेकिन जांच के बाद पता लगा कि वहां ऐसा कुछ नहीं हुआ।
थाना दहला तो दौड़ी पुलिस
तेज धमाके की आवाज से सीबीगंज थाना भी दहल गया। इंस्पेक्टर राजकुमार भारद्वाज उस वक्त अपने कक्ष में थे। बताया- जैसे किसी ने तेजी से दरवाजे में धक्का दिया हो, बाहर निकले तो कोई नहीं था। इसके बाद दरोगा से सिपाही तक सभी धमाके की जगह खोजने निकल पड़े। सभी को दूर तक लोगों ने धमाका सुनाई देने के बारे में बताया लेकिन देर रात तक धमाके की जगह और वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
तरह-तरह की चर्चा और अफवाहें
इसी बीच अफवाहों का दौर भी शुरू हो गया। कोई बादल फटने तो कोई रॉकेट फटने की बात कह रहा था। कुछ लोगों ने बिजली गिरने की बात भी कही। सुपीरियर इंडस्ट्रीज के दिनेश मिश्रा ने बताया, जब तेज धमाका हुआ तो वह अपनी फैक्ट्री में बैठे हुए थे। ऐसा लगा कि रोड पर कोई टायर फटा है। वहीं, ओरिएंटल एरोमेटिक्स कंपनी के एचआर जे. पाठक ने बताया कि तेज धमाके की आवाज के समय वह फैक्ट्री में ही मौजूद थे। उन्हें लगा कि फैक्ट्री में ही धमाका न हो गया हो, पर ऐसा नहीं था।