बरेली। अपर सांख्यिकी अधिकारी जेपी शाक्य की पत्नी से खींचतान और उनके एमटेक बेटे से मारपीट करना सुभाषनगर पुलिस को महंगा पड़ सकता है। एडीजी के निर्देश पर एसएसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी द्वितीय को दी है। उधर, सांख्यिकी अधिकारी ने भी एसएसपी से मिलकर अपनी पीड़ा सुनाई और सीसी टीवी फुटेज दिए।
शनिवार शाम बदायूं रोड पर नगर निगम की टीम के साथ पुलिस ने अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था। इसी दौरान कमिश्नर कार्यालय के अपर सांख्यिकी अधिकारी जेपी शाक्य के घर के बाहर नाले पर पड़ा जाल और दरवाजे पर पड़ी बजरी हटाई तो उनकी पत्नी मीना शाक्य ने विरोध किया। मीना का कहना है कि उन्होंने कहा कि वह अपना सामान खुद हटवा लेंगी, लेकिन पुलिस नहीं मानी। वह जेसीबी के सामने अड़ीं तो पुलिस ने उन्हें जबरन हटा दिया। मीना शाक्य का आरोप है कि पुलिस ने उनसे खींचतान और अभद्रता की। उनके एमटेक बेटे नितिन से मारपीट की। इसके बाद पुलिस नितिन को पीटते हुए जीप में बैठाकर थाने ले गई और उसका मोबाइल व जेब में पड़ी रकम भी छीन ली थी। एडीजी से उनके शिकायत करने के बाद पुलिस ने मोबाइल देकर नितिन को तो छोड़ दिया, लेकिन रुपये मिले। सोमवार को मीना शाक्य ने एसएसपी से मिलकर मामले की शिकायत की। उन्होंने सीसी टीवी फुटेज भी एसएसपी को दिए। मीना शाक्य ने अपने पड़ोस में रहने वाली एक महिला को विधायक का करीबी बताकर उसके इशारे पर सुभाषनगर इंस्पेक्टर के कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
उधर, एडीजी अविनाश चंद्र ने इस मामले को खासा गंभीरता से लिया है। उन्होंने अपने कार्यालय से एक अधिकारी को मौके पर भेजकर सही स्थिति जानी। फिर एसएसपी को मामले की जांच का निर्देश दिया। एसएसपी मुनिराज जी. ने जांच सीओ सिटी द्वितीय सीमा यादव को दी है।