बरेली। शनिवार शाम सुभाषनगर थाना क्षेत्र में हुई दो घटनाओं के बाद थाने के दो दरोगाओं पर मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। अतिक्रमण हटाने में करगैना चौकी प्रभारी पर कमिश्नरी के अपर सांख्यिकी अधिकारी ने पत्नी और बेटे से मारपीट का आरोप लगाया। वहीं, मढ़ीनाथ चौकी प्रभारी पर फायरिंग के आरोपियों की धरपकड़ में दूसरे घर में घुसकर मारपीट और अभद्रता की शिकायत की गई है। इंस्पेक्टर ने दोनों दरोगाओं पर लगाए गए आरोप नकारे हैं।
केस वन
कमिश्नरी के सांख्यिकी अफसर के एमटेक बेटे से मारपीट!
बदायूं रोड पर नगर निगम की टीम के साथ पुलिस ने शुक्रवार शाम अवैध निर्माण हटाये थे। कमिश्नर कार्यालय के अपर सांख्यिकी अधिकारी जेपी शाक्य के घर के बाहर नाले पर पड़ा जाल और दरवाजे पर पड़ी बजरी हटाई तो उनकी पत्नी मीना शाक्य विरोध जताने लगीं। आरोप है कि वे जेसीबी के सामने लेट गईं। पुलिस को बल प्रयोग कर उन्हें हटाना पड़ा। मीना शाक्य ने आंवला सांसद को शिकायत देकर करगैना चौकी प्रभारी पर उनसे व उनके एमटेक कर रहे बेटे नितिन शाक्य से मारपीट का आरोप लगाया है। तोहमत ये भी है कि नितिन को पुलिस पीटती हुई थाने ले गई और मोबाइल और रुपये छीन लिए। बताया कि शाम को ही वे लोग एडीजी से मिले। तब पुलिस ने नितिन को छोड़कर मोबाइल तो वापस दे दिया पर बीस हजार रुपये रखा पर्स नहीं मिला है। इसे दिलवाकर दरोगा व पुलिस टीम पर कार्रवाई की जाए।
केस टू
फायरिंग मामले में गलत घर में घुसी टीम ने की अभद्रता!
शुक्रवार शाम ही सुभाष नगर पुलिया के पास मोबाइल चोरी के रुपये के लेनदेन में लड़कों के दो गुटों में जबर्दस्त फायरिंग और मारपीट हो गई। पुलिस ने मौके से विशाल और दिव्यांश नाम के लड़कों को पकड़ लिया। चीता बाइक के सिपाही की ओर से इनके खिलाफ जानलेवा हमले, सेवन क्रिमनल लॉ एक्ट के तहत रिपोर्ट कराई गई। रविवार को दोनों आरोपी जेल भेज दिए गए। इसमें सिठौरा के गौरव कुर्मी का नाम भी सामने आया था। शनिवार रात मणिनाथ चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गौरव की तलाश में छापा मारा। रविंद्र गंगवार नाम के व्यक्ति ने अधिकारियों से फोन पर शिकायत की कि पुलिस टीम उनके घर में घुस गई और महिलाओं से अभद्रता करने लगी। बताया कि उनके छोटे भाई का नाम भी गौरव है, शायद इसीलिए धोखा हुआ पर जानकारी के बाद भी अभद्रता की गई जो गलत है। रविंद्र ने टीम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- दोनों मामलों में गलत आरोप लगाए गए हैं। अतिक्रमण हटाते वक्त प्रशासन व नगर निगम के लोग भी मौजूद थे। जेसीबी के आगे महिला लेट गई तो उसे हटाया गया। बेटा भी तीखा विरोध कर रहा था, उसे वहां से हटाया। अतिक्रमण करने वाले पुलिस पर लूट जैसा आरोप लगाएंगे तो पुलिस कैसे काम करेगी। मढ़ीनाथ चौकी पुलिस भी किसी के घर में नहीं घुसी। कार्रवाई से बचने के लिए फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं। - हरिश्चंद्र जोशी, इंस्पेक्टर सुभाष नगर