बरेली। पुलिस पर हमले के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। संभल में कैदियों के हाथों सिपाहियों के कत्ल का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ और बदायूं से सटे सीमा क्षेत्र में बरेली पीआरवी के सिपाही से पिस्टल छीनकर मारपीट कर दी गई। पूरे घटनाक्रम में सिपाही बेबस गिड़गिड़ाता रहा। बाद में हमलावर पक्ष से जुड़े एक नेता ने ही पिस्टल वापस कराई।
फतेहगंज पूर्वी से सटे दातागंज इलाके के गांव में फायरिंग की घटना के बाद खुद को घिरा देखकर अतहर ने सौ नंबर पर कॉल की तो नजदीक होने के लिहाज से फतेहगंज पूर्वी थाने से संबद्ध पीआरवी 204 को मौके पर भेज दिया गया। पीआरवी टीम के सिपाही अल्ताफ ने देखा कि इरशाद पक्ष के लोग गुस्से में अतहर के वाहनों में आग लगा रहे हैं तो उन्हें रोकने की कोशिश की। इससे आरोपी भड़क गए। उन्होंने अल्ताफ को खेत में ही घेर लिया और उसकी पिस्टल छीन ली। उसे घेरकर कई डंडे मारे और अतहर की दलाली करने की बात कहकर गालियां दीं। सिपाही कहता रहा कि वह थाने से नहीं बल्कि पीआरवी से है और उसको उन लोगों के विवाद के बारे में कुछ नहीं पता। वह मुख्यालय से मिली कॉल पर आया है। इस पर भी हमलावरों का गुस्सा कम नहीं हुआ और वे गालियां देेते रहे। इस घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया। बताते हैं कि आगजनी करने वाले पंखिया वर्ग से जुड़े लोग थे जिनका नेता हिस्ट्रीशीटर तौफीक इन दिनों जमानत पर है। तौफीक और दातागंज क्षेत्र के प्रभावशाली किसान सुखपाल सिंह की पैरवी पर सिपाही अल्ताफ को पिस्टल वापस मिल सकी। शुरू में सिपाही ने अपने साथ हुए घटनाक्रम की जानकारी अधिकारियों को नहीं दी थी पर वीडियो के जरिये पता चलने के बाद उसकी ओर से रिपोर्ट कराई गई।
जिन्होंने हमला किया, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया
बरेली। घटना में हमले का शिकार हुए सिपाही अल्ताफ का मानवीय चेहरा भी देखने में आया। इरशाद पक्ष के लोगों को ने ही अल्ताफ के साथ बदसलूकी की थी, घायल इरशाद और बारेहसन को शहर के अस्पताल में भर्ती कराने भी अल्ताफ ही लेकर आया। अल्ताफ के इस काम की एसपी देहात ने तारीफ कर उसकी पीठ ठोंकी। एसपी देहात ने घायलों को जिला के बजाय निजी अस्पताल में भर्ती कराया और शहर कोतवाल गीतेश कपिल से घायलों का बेहतर इलाज करवाने को कहा। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों से भी बात की।