टुल्ला : दिल्ली-लखनऊ राजमार्ग फिर हुआ लाल
मंत्री के बेटे के बाद हाइवे
के गड्ढों ने लीं दो और बलि
- मिट्टी का ढेर और गड्ढे बचाने में डबल डेकर बस में घुसी कार, मौके पर ही दो की मौत
फरीदपुर (बरेली)। दिल्ली-लखनऊ हाइवे शुक्रवार रात फिर खून से लाल हो गया। मंत्री के बेटे के बाद फरीदपुर में ग्राम जेड के निकट उसी प्वाइंट पर हुए हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। लखनऊ की ओर जा रही स्विफ्ट कार मिट्टी का ढेर और गड्ढा बचाने के प्रयास में सामने से आ रही डबल डेकर बस में घुस गई। हादसे के दौरान बस में फंसी कार को दो घंटे बाद जेसीबी से खींचकर ड्राइवर का शव बाहर निकाला जा सका। देर रात एसपी देहात डॉ. संसार सिंह समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे।
हादसा शुक्रवार रात करीब दस बजे हुआ। दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर जेड गांव से करीब आधा किलोमीटर आगे निर्माणाधीन नेशनल हाइवे वन वे हैं, जहां पर मिट्टी का बड़ा सा ढेर लगा है। मिट्टी के इसी ढेर से बचने के लिए बरेली से जा रही स्विफ्ट कार गड्ढों में फंसने से अनियंत्रित होकर फरीदपुर दिशा से आ रही डबल डेकर बस में जा घुसी। इससे कार ड्राइवर और बगल में बैठे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बैठा तीसरा शख्स गंभीर घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को बरेली के निजी अस्पताल में भेजा गया। आगे की सीट पर बैठे युवक का शव तो पुलिस ने निकाल लिया। मगर ड्राइवर का शव फंस गया, जिसे कार को जेसीबी से खिंचवाकर करीब दो घंटे बाद निकाला जा सका। ड्राइवर की जेब से मिले लाइसेंस पर नासिर खां निवासी अल्मोड़ा लिखा था। कार पर भारत सरकार लिखा था और दो तलवार-ढाल का चिह्न बना था। बता दें कि 25 जून की सुबह इसी प्वाइंट पर उत्तराखंड के शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय के बेटे अंकुर पांडे और उसके दोस्त मुन्ना गिरि की मौत हुई थी।