भमोरा। गांव सरदार नगर में पंद्रह वर्षीय किशोर की कनपटी पर गोली लगने से मौत हो गई। शव गांव से एक किलोमीटर दूर खेत में मिला। कनपटी पर गोली लगने की वजह से पुलिस आत्महत्या किए जाने की संभावना जता रही है लेकिन हालात हत्या की ओर इशारा कर रहे है। किशोर तीन दिन पहले घर से 61 हजार रुपये कैश के साथ काफी जेवर भी निकालकर ले गया था, लेकिन शनिवार को उसका शव मिला तो उसके पास न जेवर मिला न कैश। घर से गायब होने के बाद मौत होने तक कई बार उसकी फोन पर परिवार के लोगों से भी बात हुई। पुलिस ने फील्ड यूनिट और डॉग स्कवॉड के साथ छानबीन की। हालांकि अभी रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई गई है।
सरदार नगर में रहने वाले कामेश उर्फ देवेंद्र के 15 वर्षीय बेटे अनिकेत उर्फ अंकित का शव शनिवार सुबह गांव के पास से गुजर रही नहर के पास यार मोहम्मद के खेत में पड़ा मिला। पुलिस ने सीओ आंवला रामप्रकाश की मौजूदगी में फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड के साथ छानबीन की तो उसकी कमर के नीचे तमंचा दबा मिला जिसमें खोखा भी फंसा था। गोली अंकित की दायीं कनपटी में घुसकर बायीं कनपटी फाड़कर निकल गई थी जो दो मीटर दूर पड़ी मिली। उसकी जेब से छह कारतूस भी मिले। पिता कामेश ने बताया कि बुधवार को वह पत्नी अनुपमा को इलाज के लिए ले गए थे। पता लगा कि इसी बीच अनिकेत ने घर में तेज आवाज में गाने बजाकर अलमारी तोड़ दी और साढ़े तीन तोला सोने की चेन, चार अंगूठी और 61 हजार रुपये निकालकर घर से निकल गया। घर लौटने के बाद मां ने उसे फोन किया तो कभी खुद को बरेली तो कभी दिल्ली बताता रहा। मामा विकास को फोन पर बताया कि चंडीगढ़ में है और उसे वहां नौकरी मिल गई है। शुक्रवार दोपहर बाद तीन बजे फिर विकास से कहा कि वह हाफिजगंज के नरहरपुर गौरीखेड़ा गांव में उनके घर आ रहा है। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। गांव के लोगों ने बताया कि शुक्रवार देर शाम तक अनिकेत को गांव में ही देखा गया था।
पिता खामोश, मां नहीं पहुंची शव देखने
अनिकेत ने आठवीं के बाद से ही पढ़ाई छोड़ दी थी और गलत संगत में पड़ गया था। उसके पिता कामेश तांगे से रामगंगा से रेत निकालकर बेचने के साथ तांत्रिक के तौर पर झाड़फूंक भी करते हैं। कामेश के झाड़फूंक वाले काम से नाराज रहने के कारण परिवार के और लोग अनिकेत का शव तक देखने नहीं पहुंचे। कामेश तीन बहनों का अकेला भाई और सबसे बड़ा था। उसकी दादी कमला देवी तो आईं पर मां अनुपमा भी शव देखने मौके पर नहीं आईं। शव से थोड़ी दूर कामेश खामोश खड़े रहे।
आखिर कहां गया नकदी-जेवर
अनिकेत की मौत को पुलिस आत्महत्या मान रही है, हालांकि हत्या की बात से भी इनकार नहीं कर पा रही है। हत्या का शक इसलिए भी है क्योंकि जो जेवर और कैश अनिकेत घर से ले गया था, वह गायब है। चर्चा है कि किसी ने भरोसे में लेकर उसकी हत्या कर दी और आत्महत्या जैसा मामला दिखाने की कोशिश की है। अनिकेत के पास उसका मोबाइल जरूर मिला है। नाना जागेंद्र ने बताया कि उनके दामाद की गांव में कई लोगों से दुश्मनी है। हो सकता है कि इन लोगों ने अनिकेत की हत्या की हो।
मामला अभी तो आत्महत्या का लग रहा है। परिवार ने कोई तहरीर भी नहीं दी है। हालांकि घर से ले जाया गया कैश और जेवर न मिलना संदेह पैदा कर रहा है। तहरीर नहीं भी मिली तो पुलिस इस तथ्य की जांच करेगी। तमंचा और कारतूस कहां से आए, यह भी जांच होगी। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात