बरेली। लंबे समय से साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज की एक प्रवक्ता का रिलीविंग ऑर्डर न करने पर शुक्रवार को डीआईओएस और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के बीच कार्यालय में तीखी नोंकझोंक हो गई। दोनों ने एकदूसरे पर जातिसूचक अभद्र टिप्पणी की और देख लेने की धमकी भी दी। करीब आधे घंटे तक चली नोंकझोंक के बाद भी डीआईओएस ने रिलीविंग ऑर्डर करने से इनकार कर दिया। जिस पर भाजपा नेता ने डीआईओएस को अब समाजवादी सरकार नहीं होने और भाजपा सरकार में नियमों के तहत कार्य करने की नसीहत दे दी।
साहू गोपीनाथ में प्रवक्ता के पद पर तैनात बबिता यादव भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार शर्मा के रुद्रपुर निवासी रिश्तेदार की बहू हैं। जिनका ट्रांसफर पिछले दिनों बहेड़ी के महात्मा गांधी मेमोरियल इंटर कॉलेज में हो चुका है। नियमानुसार ट्रांसफर का आदेश होने के बाद रिलीविंग ऑर्डर डीआईओएस की ओर से जारी किया जाएगा तभी दूसरे कॉलेज में तैनाती मिल सकेगी। लेकिन लंबे समय से डीआईओएस रिलीविंग ऑर्डर नहीं दे रहे थे। मामले पर शुक्रवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार अपने रिश्तेदार के साथ डीआईओएस कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि जब पूर्व जिलाध्यक्ष ने अपना विजिटिंग कार्ड दिया तो डीआईओएस ने फिर भी कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्होंने सीधे रिलीविंग ऑर्डर के बारे में बात की तो डीआईओएस ने बबिता को भेजने को कहा। जिस पर पूर्व जिलाध्यक्ष ने उनपर ट्रांसफर के दौरान करीब एक लाख रुपए लेने का आरोप लगा दिया। जिस पर डीआईओएस बिफर पड़े और रिलीविंग ऑर्डर करने से साफ इनकार कर दिया। काफी देर तक बहस जारी रहने के बाद भी कोई हल नहीं निकला तो भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा- डीआईओएस साहब..अब समाजवादी नहीं भाजपा सरकार है। और वे कार्यालय से बाहर चले गए। कार्यालय में यह विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है।