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रेडीमेड कपड़ों के कारखाने में लगी आग, तीन घंटे में किया जा सका काबू

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बहेड़ी। कस्बे के शेखुपुर मोहल्ले के कब्रिस्तान रोड पर रेडीमेड कपड़ों के कारखाने में तड़के आग लग गई। आग का पता तब चला जब लपटें कारखाने से बाहर निकलने लगीं। सूूचना पर फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन भीषण आग के सामने वह बेबस नजर आई। बरेली से दूसरी गाड़ी मंगाई गई तब जाकर करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग के कारणों का पता नहीं चल सका है।
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कस्बे के मोहम्मद हनीफ उर्फ गुड्डू बसीरी का एमएच होजरी के नाम से कब्रिस्तान रोड पर दो मंजिला इमारत में कारखाना है। सुबह अचानक बंद कारखाने में आग लग गई, जो अंदर ही अंदर सुलगती रही। करीब साढे़ सात बजे लपटे बाहर निकलने लगीं तो मोहल्ले के लोगों ने कारखाना मालिक को सूचना दी। इसके बाद लोग बालटियां लेकर आग बुझाने में जुट गए, लेकिन तब तक आग विकराल हो चुकी थी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची, लेकिन जगह जगह से फटे पाइप और प्रेशर के चलते आग बुझाने में कामयाब नहीं हो पाई। इसके बाद बरेली के परसाखेड़ा से एक गाड़ी बुलाई गई। इसके बाद करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

खौफ में दुकानदारों ने खाली की दुकानें
विकराल हुई आग कहीं उनकी दुकान को भी आगोश में न ले ले इस खौफ में आसपास के दुकानदारों ने आननफानन अपनी दुकानों का सामान बाहर फेंकना शुरू कर दिया। आसपास के घरों में भी दहशत फैल गई थी।
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फायर ब्रिगेड पर भड़के व्यापारी, किया हंगामा
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कस्बे में खटारा दमकल गाड़ियों को देखकर हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि सूचना के काफी देर बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। जब पहुंची तो उसके पाइप जगह जगह से फटे थे, जिससे पानी का प्रेशर ही नहीं बन पा रहा था। कहा कि वह कई बार नगर पालिका के बीस स्थानों पर हाईड्रेंट बनाने की मांग कर चुके हैं। ताकि जरूरत के समय पानी आसानी से मुहैया हो सके। साथ ही फायर ब्रिगेड का दफ्तर नरायननगला रोड पर जंगल में बना दिया गया है, जहां कोई सुविधा नहीं है। इसे थाने के पास खाली पड़ी जगह पर बनाने की मांग वह लंबे समय से करते आए हैं। इससे पहले भी तीन जगह लगी आग में फायर ब्रिगेड की लेटलतीफी और पर्याप्त संसाधन न होने के कारण व्यापारियों का नुकसान हो चुका है।

दमकल अफसर ने ही विभाग पर उठाए सवाल
फायर स्टेशन के एक अफसर ने तो अपने ही विभाग पर सवाल खडे़ कर दिए। बोले- फायर स्टेशन पर 16 सिपाही, एक स्टेशन अफसर, एक सेकंड अफसर, दो फॉलोअर, एक स्वीपर होने चाहिए, लेकिन यहां महज छह लोग हैं। बीस साल पुरानी गाड़ी से काम चला रहे हैं। दो सही हालत में गाड़ियां होनी चाहिए। यह तमाम परेशानियां मुख्य शमन अधिकारी को लिखकर बता चुके हैं। फायर सर्विस में पानी का प्लांट एक महीने से खराब पड़ा है। कई बार नगर पालिका से कहा लेकिन कोई नहीं सुन रहा। जबकि पब्लिक हम पर चीखती है। जब हमारे पास सुविधाएं अच्छी होंगी तभी तो मदद भी सटीक समय पर और सही तरह से कर पाएंगे।
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