फरीदपुर। बरेली-शाहजहांपुर हाईवे के किनारे गांव जेड में अशोका फोम की फैक्टरी में सोमवार शाम भीषण आग लग गई। करीब 50 फुट ऊंची लपटें देखकर हड़कंप मच गया। पूरे जिले की फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगाने के बावजूद आग नहीं बुझी तो तो आर्मी और एयरफोर्स की भी गाड़ियां बुलानी पड़ीं। देर रात तक आग नहीं बुझ पाई थी। सीएफओ और सीओ फरीदपुर के साथ पुलिस-प्रशासन के कई अधिकारी भी मौके पर थे।
अशोका फोम फैक्टरी में शाम करीब साढ़े सात बजे गोदाम के एक हिस्से में आग लग गई। इस गोदाम में फोम के गद्दे और कुर्सियों के साथ ज्यादातर प्लास्टिक का सामान था। कुछ ही देर में ऊंची लपटें उठनी शुरू हुईं तो अफरातफरी मच गई। फरीदपुर के साथ बरेली, नवाबगंज, बहेड़ी और दूसरे अग्निशमन केंद्रों की भी छह फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तब तक गोदाम पूरी तरह आग में घिर चुका था। फायर स्टाफ ने गोदाम को दो तरफ से घेरकर आग बुझानी शुरू की ताकि आग और किसी गोदाम की तरफ न बढ़ पाए। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने सीओ फरीदपुर अभिषेक वर्मा को मौके पर तैनात कर दिया। सीएफओ, एफएसओ रवीश चंद्र समेत कई अधिकारी पहले से ही यहां मौजूद थे। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।
नहीं मिले आग बुझाने के इंतजाम
फैक्टरी में आग लगने के बाद आई फायर ब्रिगेड को पानी की आवश्यकता पड़ी लेकिन गोदाम में पानी की उचित व्यवस्था न होने के कारण गाड़ियों को दूसरे गोदामों से पानी भरकर लाना पड़ा। हाइड्रेंट भी बंद पड़े हुए थे। पाइपों में पानी का वेग बहुत धीमा था। पाइप भी सही हालत में नहीं थे।
कई बार लग चुकी है आग
अशोका फोम में पहले भी कई बार बड़े अग्निकांड हो चुके हैं। अशोका फोम के सिविल लाइंस स्थित शोरूम में भी कई बार आग लग चुकी है। हर बार आग बुझाने को युद्धस्तर पर सरकारी अमला जुटता है। पिछली बार फैक्टरी में लगी आग तीन दिन बाद बुझ सकी थी।