खुटार। फूड प्वाजनिंग के शिकार चाट विक्रेता को जिला अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। घर पहुंचने पर उसकी हालत फिर बिगड़ गई। इसके बाद उसे दोबारा जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। उधर, चाट खाने से बीमार एक अन्य युवक को लखनऊ रेफर किया गया था, लेकिन परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए।
खुटार क्षेत्र के गांव दिलीपपुर में आशा वर्कर रामबेटी का पुत्र रवि चाट बेचता है। दो मई को रवि से खरीदकर चाट खाने वाले तीस लोग बीमार हो गए। उसके अगले दिन रवि ने बेची चाट खाने से 25 लोग बीमार हुए थे। उन सभी को उल्टी, दस्त की शिकायत थी। चार मई को मामले की जानकारी हुई तो खलबली मच गई थी। एसडीएम दशरथ कुमार, सीओ नवनीत कुमार नायक, खुटार के पीएचसी प्रभारी डॉ. संजीव कुमार गांव पहुंचे और मामले की जानकारी लेकर इलाज शुरू कराया था। सात लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया था। शेष 39 लोगों का गांव में ही इलाज किया गया था। पांच लोगों को शुक्रवार को जिला अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। डॉक्टरों का कहना था कि चाट खाने वालों को फूड प्वाजनिंग हुई थी।
जिला अस्पताल में भर्ती दिलीपपुर के संदीप कुमार की हालत नाजुक होने पर शनिवार को उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। मगर परिवार वाले उसे लखनऊ के बजाय एक निजी अस्पताल ले गए हैं। उधर, बिगड़ी रवि को शनिवार को जिला अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। परिवार के लोग उसे लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन पुवायां के पास रवि की हालत फिर से खराब हो गई। परिजन रवि को लेकर घर पहुंचे और खुटार पीएचसी पर सूचना दी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। रवि के परिवार वालों ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की। कहीं तब जाकर पीएचसी खुटार से स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रवि को जिला अस्पताल दोबारा भेजा गया। पीएचसी प्रभारी डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि रवि को जिला अस्पताल भेजा गया है। गांव में जिन रोगियों का इलाज चल रहा था वह ठीक हैं।