दो साल बाद कोर्ट के आदेश पर 17 लोग किए गए हैं नामजद, गिरफ्तारी से गांव में हड़कंप
हाफिजगंज। दो साल पहले भंडारे में अनुसूचित जाति के लोगों को भोजन कराने से मना करने पर कोर्ट के आदेश पर 17 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया है।
हाफिजगंज के गांव नरई नौवानगला में दो साल पहले एक धार्मिक कार्यक्रम में भंडारा किया गया था। अनुसूचित जाति के लोगों के भंडारे में पहुंचने पर विवाद हो गया था। इस पर अनुसूचित जाति के नेता प्रेमपाल ने थाने पर सूचना दी थी कि उनके समुदाय के लोगों को भंडारे में शामिल नहीं किया जा रहा है। उनके साथ अभद्रता की गई है। तहरीर पर थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो प्रेमपाल ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर गांव के 17 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई। इसके बाद दूसरे वर्ग के लोग मामला सुलझाने के लिए राजनीतिक दलों की शरण में पहुंच गए, लेकिन पुलिस ने सभी 17 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। कोर्ट ने सभी की गिरफ्तारी के वारंट जारी कर दिए। इस पर पुलिस ने बुधवार रात गांव में दबिश देकर पूरनलाल, अनोखेलाल, होरीलाल, लालाराम, भारतवीर, शेर सिंह, पप्पू, संतोष कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हाफिजगंज थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह ने बताया किया कि बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।