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जमीन के विवाद में मारा गया भुता का किसान बाबूराम

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भुता। किसान की हत्या कर उसका सिर और एक हाथ को काट ले जाने की घटना में पुलिस को कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं। देर रात किसान की भुता के बाबूराम के तौर पर शिनाख्त होने के बाद दो लोगों के खिलाफ उसे घर से बुलाकर ले जाकर उसकी हत्या कर दिए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि किसान ने अपनी जमीन का दो लोगों से सौदा तय कर करीब तीस लाख रुपये ले लिए थे मगर बैनामा किसी को नहीं किया था। पुलिस ने एक को हिरासत में लिया है, हालांकि उसे हत्यारोपी नहीं माना जा रहा है। पुलिस हत्यारोपियों की तलाश के साथ साक्ष्य जुटाने में भी लगी हुई है।
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भुता के किसान बाबूराम के घरवालों के मुताबिक उन्हें दो अनजान लोग शनिवार शाम घर से अपने साथ बुलाकर ले गए थे। शाम को बाबूराम का मोबाइल बंद हो गया और फिर उनका कोई पता नहीं चला। बाबूराम के बेटे विमल ने रविवार को थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली। सोमवार शाम बाबूराम की लाश मल्हपुर के जंगल में मिली जिसका सिर और एक हाथ कटा हुआ था। छानबीन में जुटी पुलिस ने राजेेंद्र, हरीश, रामौतार समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है। परिवार का कहना है कि बाबूराम ने अपनी धर्मकांटे के सामने की दो बीघा जमीन के नौ लाख रुपये राजेंद्र से ले रखे थे पर बैनामा नहीं किया था। इसी जमीन पर 21 लाख रुपये बाबूराम ने अपने परिवार के ही देवेंद्र से भी ले लिए थे। देवेंद्र ने जमीन पर कब्जा कर क्रेशर लगा लिया था। पुलिस का मानना है कि इसी जमीन के विवाद में बाबूराम की हत्या हुई है। देवेंद्र के फरार होने से उस पर शक गहरा गया है। पुलिस कॉल डिटेल की पड़ताल कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसे घर से कौन बुला ले गया था। मंगलवार को बाबूराम का गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह गला काटना ही आया। बाबूराम के नाम सड़क किनारे बेशकीमती 36 बीघा जमीन है जिस पर भूमाफिया की नजरें भी थीं।
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