भुता। दो दिन से लापता किसान की लाश सोमवार शाम मल्लपुर के जंगल में मिली। बेरहमी से की गई हत्या में उसका सिर और दाहिना हाथ काटकर गायब कर दिया गया ताकि पहचान न हो सके। मौके पर पहुंचे एसपी देहात ने शव सील कराया। आशंका है कि जमीन के विवाद में अपहरण कर हत्या की गई है। जमीन का सौदा करने वाले एक ग्रामीण को हिरासत में ले लिया गया है।
भुता निवासी 60 साल के किसान बाबूराम शनिवार दोपहर पड़ोसी रामचरन के चबूतरे पर बैठे थे। परिवार के मुताबिक उनके नंबर पर कोई कॉल आई और दो अज्ञात व्यक्ति उनके खेत में गन्ना का सर्वे करने के बहाने से उन्हें साथ लेकर चले गए। तब से घर लौटकर नहीं आए थे। खोजकर परेशान हो चुके बाबूराम के पुत्र विमल ने सोमवार को थाने में पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई। इस बीच सोमवार शाम पुलिस को सूचना मिली कि मल्लपुर के जंगल में हत्या कर कोई लाश फेंकी गई है। पुलिस पहुंची तो शव का सिर और दाहिना हाथ नहीं था। पुलिस ने दर्ज गुमशुदगी का हुलिया मिलने पर विमल को शिनाख्त के लिए बुलाया। विमल के देर तक न आने पर पुलिस ने शव बरेली मोचर्री में रखवा दिया। वहां देर रात विमन ने अपने पिता के रूप में शव की पहचान की।
एसपी देहात डॉ. संसार सिंह, सीओ फरीदपुर अभिषेक सिंह के साथ ही फोरेंसिक टीम पहुंची। डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। एसपी देहात ने जानकारी की तो पता लगा कि बाबूराम का एक खेत सड़क के किनारे है। दो बीघा के इस खेत को बेचने के लिए लोगों से कहा था। इनमें राजेंद्र नाम के ग्रामीण से नौ लाख और देवेंद्र से 21 लाख रुपये ले रखे थे पर जमीन की रजिस्ट्री इनमें से किसी को नहीं की थी। पता लगा कि दोनों ही लोग इस बात से नाराज थे और बाबूराम से उनका झगड़ा हो चुका था। उन्होंने एसएसपी को घटनाक्रम की जानकारी दी। एसएसपी के आदेश पर धरपकड़ तेज कर दी गई। पुलिस ने राजेंद्र को पकड़ लिया था।