बरेली। छत से गिरकर सात वर्षीय बच्ची का सिर फ ट गया। बच्ची के सिर से काफी खून बह रहा था लेकिन झोलाछाप इलाज के नाम पर 24 घंटे उसकी जान से खिलवाड़ करता रहा। हालत बिगड़ने पर झोलाछाप ने मना किया तो सोमवार को परिजन बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। गंभीर हालत में उसे इमरजेंसी में भर्ती किया गया है।
झोलाछापोें की लापरवाही से तमाम मरीजों की जान पर बन आती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इन पर कार्रवाई को लेकर गंभीर नहीं है। इसी वजह से यह झोलाछाप गंभीर स्थिति में भी मरीज की जान से खिलवाड़ करने से नहीं चूकते। ऐसा ही फरीदपुर में भी हुआ। फरीदपुर में रेलवे लाइन के पार रहने वाले शिवकुमार की सात वर्षीय बेटी शालिनी रविवार सुबह खेलते समय छत से गिर गई। सिर फटने और बायीं आंख के पास गहरी चोट से लगातार खून बह रहा था। परिवार वाले शालिनी को लेकर पास के ही झोलाछाप के पास पहुंचे तो उसने इलाज शुरू कर दिया। मगर 24 घंटे बाद भी खून बंद नहीं हुआ तो शालिनी की हालत बिगड़ने लगी और फिर झोलाछाप ने भी खड़े कर लिए। सोमवार को बच्ची की मां उसे जिला अस्पताल पहुंचीं तो गंभीर हालत के चलते उसे भर्ती कर लिया गया। शालिनी की मां बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, फिर भी झोलाछाप ने सात हजार रुपये खर्च करा लिए और खून भी नहीं रुका। उन्होंने बच्ची सही होने के बाद झोलाछाप के खिलाफ शिकायत करने को कहा है।