भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार को फोन पर धमकी देने वाले ने स्वीकार किया कि टीवी पर कटियार का राम मंदिर संबंधी भाषण सुनकर वह भड़क गया था। इसके बाद उन्हें कॉल कर दी थी। एसएसपी के कैंप कार्यालय पर दिल्ली पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। सूत्रों के मुताबिक उसका कोई आपराधिक रिकार्ड या आतंकी लिंक न मिलने पर उसे छोड़ने की तैयारी की जा रही है।
भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार के मोबाइल पर 11 दिसंबर को अंजान नंबर से कॉल कर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। दिल्ली नार्थ एवेन्यू थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज की गई। दिल्ली पुलिस ने नंबर की जांच की तो वह नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव बसंगा निवासी भूरा का निकला।
शुक्रवार रात दिल्ली पुलिस ने भूरा को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि यह नंबर उसका चाचा मकसूद चला रहा है। तब टीम ने मकसूद को उसके घर से उठा लिया। टीम ने एसएसपी के कैंप कार्यालय में मकसूद से पूछताछ की। इससे काफी हद तक तस्वीर साफ हो गई कि वह सिरफिरा होने की वजह से ऐसी हरकतें कर रहा है। उसने बताया कि वह विनय कटियार का भाषण देखकर गुस्से में आ गया था। तब उन्हें कॉल कर दी थी।
एक्सीडेंट में कट गया था पैर, माली हालत खराब होने से है अवसाद ग्रस्त
मकसूद की मां गौहर ने बताया कि मकसूद अहमद उनके चार बेटों में सबसे बड़ा है। उनके दो बेटे दूसरे शहरों में कबाड़ का काम करते हैं। तीसरा ट्रक चलाता है। मकसूद के परिवार में पत्नी रुखसार और दो बच्चे हैं। कुछ साल पहले तक मकसूद भी ट्रक चलाता था। जयपुर में एक्सीडेंट में वह एक पैर गवां बैठा। क्लेम में सात लाख रुपये मिले। मना करने के बाद भी प्रधान का चुनाव लड़ा।
लाखों की रकम चुनाव में उड़ाने के बाद भी उसे केवल 17 वोट मिले। इससे वह अवसाद का शिकार हो गया। बाद में वह लखनऊ चला गया और वहां मौलाना बनकर झाड़फूंक का काम किया। क्लेम की बाकी रकम वहां खर्च हो गई तो वह दाने-दाने को मोहताज हो गया। तब से वह बहकी-बहकी बातें करता है। करीब डेढ़ महीने से पूरे गांव में झगड़ा करना, रात में उठकर शोर मचाना उसकी आदत बन गई है। गांववालों के साथ ही खुद मकसूद के बच्चे भी उससे परेशान हैं।