बरेली। भाभी की गला दबाकर हत्या करने का दोषी पाकर अदालत ने देवर को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि आरोपी ससुर की दौरान मुकदमा मौत हो गई। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अजय सिंह ने किया।
गांव मोहनपुर के अब्दुल हसन सैफी ने 23 सितंबर, 2013 को थाना कैंट में रिपोर्ट लिखाई थी। इसमें कहा गया कि अब्दुल हसन की बहू चंदा बी के सिर में कई दिनों से तेज दर्द हो रहा था। 23 सितंबर, 2013 को शाम आठ बजे दर्द बढ़ गया तो अब्दुल हसन गांव के ही डॉ. बुंदन को बुला कर लाया, लेकिन घर आने पर बहू का छत के कुंडे से उसी के दुपट्टे के सहारे शव लटका मिला। परिवार के लोगों ने शव नीचे उतारा। पुलिस ने विवेचना शुरू की तो घटना के चश्मदीद बताए गए अब्दुल रहमान और अब्दुल हलीम ने थाना प्रभारी को शपथ पत्र देकर कहा कि चंदा बी की उसके ससुर अब्दुल हसन सैफी और देवर हनीफ सैफी ने गला दबा कर हत्या की थी। दौरान गवाही पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने भी गला घोटे जाने की गवाही दी। कोर्ट में अभियोजन की ओर से सरकारी वकील केएम खान ने पक्ष रखा। कोर्ट ने अभियुक्त मोहम्मद हनीफ सैफी को चंदा बी की हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आरोपी ससुर अब्दुल हसन सैफी की दौरान मुकदमा मौत हो गई।