बरेली। एडीजी दफ्तर में बयान दर्ज कराने पहुंची महिला गश खाकर गिर पड़ी। वकील की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। पति की मौत के बाद दहेज की बाइक को लेकर महिला का सास से विवाद चल रहा है। इसी मामले में वह बयान देने पहुंची थी।
बहेड़ी के बाजपुर स्थित मायके से सुमन बयान देने के लिए सोमवार सुबह अपने वकील सौरभ पांडेय के साथ एडीजी दफ्तर पहुंची। इसी मामले में भोजीपुरा इंस्पेक्टर मनोज त्यागी और देवरनिया के राठ गांव से सुमन की सास भी आई थीं। एडीजी के स्टाफ अफसर ओपी यादव भोजीपुरा इंस्पेक्टर और सुमन की सास के बयान दर्ज कर रहे थे, तभी जनसुनवाई प्रकोष्ठ के गेट पर सुमन गश खाकर गिर पड़ी। इससे वहां हड़कंप मच गया। पीआरओ विप्लव शर्मा ने स्टाफ की मदद से उसे संभाला। सुमन के वकील ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर की भूमिका से सुमन परेशान है। उसके पति मुकेश की 2016 में हादसे में मौत हुई थी। कुछ दिन बाद मुकेश के कमरे से उसकी बाइक गायब हो गई। सुमन ने इसे चोरी मान लिया था लेकिन चार महीने पहले बहेड़ी तहसील में अपने ननदोई लखपत के पास बाइक देखी तो चौंक गईं। पता लगा कि सास ने ही उसे बाइक दी है। तभी से सुमन बाइक लेने के लिए भोजीपुरा थाने से लेकर अफसरों के चक्कर काट रही हैं। वहीं, सुमन की सास ने कहा कि बेटे की मौत के बाद बाइक उनके किसी काम की नहीं थी, इसलिए पीलीभीत के जहानाबाद निवासी शख्स को बेच दी। बहू बेवजह आरोप लगा रही है।
महिला बाहर ही गिरी होगी, अंदर पता नहीं लगा। वह दहेज में पति को दी गई बाइक लेने पर अड़ी है। उसकी सास और इंस्पेक्टर भोजीपुरा के तर्क भी सही लग रहे हैं। बाइक की बरामदगी कराकर महिला को संतुष्ट करने के आदेश दिए हैं। - ओपी यादव, स्टाफ अफसर, एडीजी जोन