बरेली। उत्पीड़न का शिकार महिला की सहायता की तो उसके मददगार पर ही पति ने मुकदमा दर्ज करा दिया है। राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि जायसवाल की जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने यह शिकायत की है। आयोग ने पुलिस को इसकी जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सर्किट हाउस में जन सुनवाई के दौरान रोहली टोला की रहने वाली एक महिला ने आयोग की सदस्य को बताया कि उसका पति चार साल से वह पति का उत्पीड़न झेल रही है। तलाक होने के बावजूद भी पति उसे परेशान कर रहा है। इसी तरह थाना देवरनिया के गांव सेमीखेड़ा की रहने वाली पुष्पादेवी ने आयोग की सदस्य से यह शिकायत की कि उसने अपनी पुत्री की शादी वर्ष 2014 में शेरगढ़ के गांव जसनपुर के नवल किशोर से की थी। उसने आरोप लगाया कि बेटी के ससुराल वाले दहेज के नाम पर कार और प्लाट मांग रहे थे। मांग पूरी न होने पर पिछले साल उसकी बेटी की हत्या कर दी गई। पुष्पादेवी ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर अभियुक्तों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। आयोग की सदस्य ने संबंधित थाना पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान सदस्य रश्मि जायसवाल ने कई और महिलाओं के उत्पीड़न संबंधित मामलों की सुनवाई की। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि उपस्थित पंजिका बनाते हुए उस पर अधिकारियों के आने-जाने का समय चढ़ाया जाए। पीड़ित महिलाओं के नाम, पता व मोबाइल नबंर की सूची भी अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम को उपलब्ध करा दिए जाएं। इस मौके पर पुलिस व प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।