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प्यार भरी बातों के बहाने ठगी, चेटिंग-डेटिंग का भी ठेका

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बरेली। हैलो सर.. मैं सौम्या बोल रही हूं। मुझसे चेट कीजिए और अपने इलाके में सर्विस पाइए...इस तरह के मेसेज आपको बहकाकर खासी जेब ढीली करा सकते हैं। शहर में तमाम लोग इस तरह की मीठी बातों में फंसकर ठगी का शिकार हो चुके हैं। मोबाइल पर भेजे जा रहे मेसेज के जरिये शहर की ही युवतियों से दोस्ती कराने के नाम पर ठगी का धंधा चल रहा है। नंबर पर बात करने पर एक वैध कंपनी बताकर मेंबरशिप के नाम पर रकम ऐंठी जाती है। एक बार जाल में फंसने के बाद पीड़ित से दूसरे बहानों से रकम निकलवाई जाती है। हैरत की बात यह है कि ठगे गए लोग शिकायत भी दर्ज नहीं कराते।
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मुंबई की बताई जा रही एक कंपनी से इस तरह के मेसेज इन दिनों बरेली के लोगों के मोबाइल पर भी आ रहे हैं। एक नंबर पर बात की गई तो युवती ने खुद को मुंबई में बांद्रा रोड की कंपनी की कर्मचारी बताया। कहा, उनके यहां ग्रुप मेंबर बनने के लिए दो हजार रुपये सिक्योरिटी फीस है। पेटीएम, गूगल-पे या किसी अन्य ई-वॉलेट से पेमेंट कर सकते हैं। सदस्य बनने के बाद आपको 16 डिजिट का मेंबरशिप नंबर दिया जाएगा। आप चाहेंगे तो बरेली में भी ग्रुप की मेंबर हैं। बड़े घरानों से ताल्लुक रखने वाली इन मेंबर में 25 से 45 साल तक की महिलाएं हैं। हर सप्ताह आपका एक या दो महिलाओं से परिचय कराया जाएगा। उनके साथ मीटिंग कराने की जिम्मेदारी कंपनी की होगी। इसके बाद सहमति के आधार पर आप लोग आपस में चेटिंग, डेटिंग कर सकते हैं। कंपनी अनुमति नहीं देती पर आप चाहें तो फिजिकल रिलेशन भी बना सकते हैं। मेंबर बनने पर जोर दे रही युवती झांसा दे रही थी कि वैसे भी सिर्फ चेटिंग-डेटिंग को तो कोई मेंबर नहीं बनता, असली मकसद फिजिकल रिलेशन बनाना ही होता है।

तीन पैकेज का दे रहे प्रलोभन
- दो हजार रुपये में तीन महीने की मेंबरशिप के साथ ही छह महीने की मेंबरशिप के 3800 रुपये और एक साल के लिए 5600 रुपये मांगे जा रहे हैं। तत्काल सदस्यता लेने के साथ ही आसपास की मेंबर युवतियों के फोटो और वीडियो भेजने का प्रलोभन भी दिया जा रहा है। बताते हैं कि मेंबर बनने के बाद संबंधित युवती की डिमांड बताकर और अन्य तरीके की सिक्योरिटी मनी जमा कराई जाती है। मेंबर के ज्यादा पूछताछ करने पर एकाध युवती से बात भी करा दी जाती है।
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साइबर सेल पर एक भी शिकायत नहीं: एसपी क्राइम
- ठगी और अन्य तरीकों के मामलों में जांच एसएसपी दफ्तर की साइबर सेल के पास आती है। ताज्जुब की बात है यह है कि इस तरह की कोई शिकायत अभी तक यहां नहीं पहुंची है। एसपी क्राइम रमेश कुमार भारतीय ने बताया कि करीब दो साल से वह यहां हैं पर ऐसी शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह की ठगी होती होगी पर लोग शर्म की वजह से शिकायत नहीं करते होंगे।
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